तमकुहीरोड। दस माह पहले गंडक नदी के कटान की भेंट चढ़ चुकी पिपरा घाट की दो पक्की सड़कों के निर्माण को लेकर शनिवार को गांववालों ने प्रदर्शन किया। पिपरा घाट पर हुए प्रदर्शन में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू नहीं होने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
गांववालों का कहना था कि मानसून शुरू होने में कुछ ही समय बचा है। अगर समय रहते सड़क निर्माण कराकर गांव को सुरक्षित नहीं किया गया तो गांव को बचाना मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना था कि जुलाई 2015 में गंडक नदी में आई बाढ़ के चलते पिपराघाट जाने वाली दो पक्की सड़कें नदी की धारा में विलीन हो गई थीं। तब से लेकर अब तक लोग खेतों में कच्ची सड़क बनाकर गांव में आवागमन कर रहे हैं।
सड़क निर्माण गांव की सुरक्षा के लिए जरूरी है। सड़क के निर्माण की मांग लगातार की जा रही है लेकिन मांग की तरफ से अब तक ध्यान नहीं दिया गया। अब जबकि मानसून आने में बहुत कम समय बचा रह गया है। ऐेसे में लोगों को बाढ़ से गांव की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। लोगों का कहना था कि गांववालों की मांग के मद्देनजर लोकनिर्माण और सिंचाई विभाग के अधिकारी गांव की स्थिति का जायजा भी ले चुके हैं।
दोनों विभागों के अधिकारी एक कार्ययोजना बनाकर सड़क निर्माण भी आश्वासन भी दे चुके हैं लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। इसके चलते गांववालों को प्रदर्शन के लिए विवश होना पड़ा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।