छितौनी। चक्रवाती तूफान में टूटे पोल-तार 11 दिन बाद भी ठीक नहीं हो सके हैं। छितौनी बिजली उपकेंद्र से जुड़े छितौनी नगर के कई मोहल्लों समेत 20 गांवों की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इससे नाराज लोगों ने रविवार को केशव पट्टी गांव के पास एनएच-28 बी को दोपहर करीब दो बजे जाम कर दिया। वाल्मीकिनगर से कुशीनगर आ रहे कथा वाचक मोरारी बाबू का काफिला जाम में फंस गया। इसकी जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया। इसके बाद कथावाचक का काफिला निकला। इसके बाद नाराज लोगों ने छितौनी बाईपास पर पानी टंकी के पास जाम लगा दिया। लेकिन, देर शाम ताक कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचे थे, इसके चलते बाइपास पर आवागमन प्रभावित रहा।
छितौनी बिजली उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने पर लोगों ने बिजली निगम के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शनिवार की देर रात प्रदर्शन किया था। पुलिस और एसडीओ के समझाने पर लोग शांत हुए थे। लेकिन, रविवार को दोपहर तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो केशव पट्टी गांव के पास लोगों ने दिन में करीब दो बजे एनएच 28 बी जाम कर दिया। एक घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं गया। वाल्मीकिनगर से कुशीनगर आ रहा कथा वाचक मोरारी बाबू का काफिला आधे घंटे तक रुका रहा। इसकी जानकारी होने पर हनुमानगंज इंस्पेक्टर अजय पटेल पहुंचे और गांव वालों को समझाकर कथावाचक का काफिला निकलवाया। इसके बाद छितौनी नगर पंचायत के लोगों ने पानी टंकी के पास बाइपास सड़क शाम 4 बजे जाम कर दिया। देर शाम तक बिजली निगम का कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा था। गांव वालों का कहना है कि जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी। तब तक जाम नहीं हटेगा। बिजली निगम के अफसर सिर्फ झूठा आश्वासन दे रहे हैं। इंस्पेक्टर अजय पटेल ने बताया कि एक जगह से जाम हटवाया गया। दूसरे जगह फिर लोगों ने जाम लगा दिया है। जेई प्रभात कुमार ने बताया कि चक्रवाती तूफान की वजह से बिजली आपूर्ति बहाल होने में देरी हो रही है। लेकिन गांव वाले समझने को तैयार नहीं है। गर्मी और धूप के बावजूद लाइनमैन काम पर लगे हैं। जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।