पडरौना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में बृहस्पतिवार को विधानसभा में यूपी का बजट प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने लगातार 9वीं बार आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया है। इस बजट को सत्तापक्ष ने सराहना करते हुए रामराज्य का बजट बताया है। वहीं विपक्षी पार्टी के नेता प्रदेश सरकार की बजट को निराशाजनक बता रहे हैं।
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यूपी का बजट समाज के सभी वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किया गया है। यह बजट गरीब परिवार के सर्वांगीण विकास के साथ मध्यम वर्ग के लोगों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। छात्राओं को सरकार की ओर से मुफ्त में स्कूटी दी जाएगी।
- विजय कुमार दुबे, सांसद, कुशीनगर।
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बजट में उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना निहित है। प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक पेंशन, गरीब, युवा, किसान, महिला धार्मिक पर्यटन और महिलाओं के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में छात्राओं का विशेष ध्यान रखा गया है। यह बजट जनहित में है।
- दुर्गेश राय, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
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उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से प्रस्तुत बजट एक बार फिर किसान, मझौले व्यापारी, छात्र और बेरोजगारों के लिए छलावा है। बजट में शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार सृजित करने, किसानों के उन्नति और माध्यम वर्ग के व्यापारियों के विकास के लिए कोई ब्लू प्रिंट तैयार नहीं किया गया है। यह निराशा का बजट है।
- शुकुरुल्लाह अंसारी, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी।
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प्रदेश सरकार की तरफ से प्रस्तुत बजट दिखावा मात्र है। आम लोगों की बात कहीं नहीं गई है। जनता से किए गए वादा से कोई तालमेल नहीं है। महंगाई को नियंत्रित करने शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में जनता को राहत देने की कोई योजना नहीं है। मध्यम वर्गीय परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो गए हैं।
- ऋषिकेश मिश्र, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।
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उत्तर प्रदेश का बजट फिर किसानों एवं वंचित वर्ग के लिए दूर का ढोल साबित हुआ है। डबल इंजन की सरकार गन्ना किसानों को निराश किया है। इस बजट से आम आदमी को राहत नहीं मिलने वाली है।
- रमेश प्रसाद, जिलाध्यक्ष बसपा।