पडरौना। नोटबंदी के बाद बिगड़ी व्यवस्था को संभालने में सरकारी बैंकों का प्रबंधन कमजोर पड़ रहा है। 10 दिन भी शहर में सरकारी बैंकों के एटीएम रुपये नहीं दे पाए वहीं एचडीएफसी के एटीएम पर देर रात तक लोगों को नोट मिले। बैंकों की भी यही स्थिति है।
कुशीनगर जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की 179 शाखाएं हैं। इनमें सात लाख से अधिक खातेदार हैं। आठ नवंबर को एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने से जिले में हाहाकार मचा हुआ है। हर बैंक पर सुबह आठ बजे से पहले ही लंबी कतार लग रही है। देर शाम तक भीड़ खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पडरौना शहर के स्टेट बैंक, पीएनबी, सेंट्रल बैंक आदि की शाखा में तो सुबह 10 बजे के बाद घुसना मुश्किल हो रहा है। परंतु अधिकांश जगह अभी भी केवल नोट जमा करने का ही कार्य हो रहा है। बड़ी जद्दोजहद के बाद जाकर लोग अपना रुपये बदल पा रहे हैं। हर जगह कुछ ही घंटों में नोट खत्म हो जा रहे हैं। सबसे खराब स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एटीएम की है। पडरौना शहर में लगे 28 एटीएम में से 20 एटीएम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के हैं, लेकिन किसी में भी रुपये नहीं है। इसके विपरीत एचडीएफसी बैंक के दो एटीएम तीन दिन से लगातार सक्रिय हैं। इन दोनों एटीएम पर सुबह से लेकर देर रात तक लोगों की भीड़ जुट रही है।
साहब लोगों ने मातहतों को बढ़ा दी है मुश्किल
पडरौना। नोट बदलने और बैंक से रुपये निकालने के लिए जुटी भीड़ को देखकर हर आदमी घबरा रहा है। परंतु इस स्थिति में सर्वाधिक परेशान सरकारी कर्मचारी हैं। वजह यह कि उनके साहब लोगों ने अपने एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट बदलने या बैंक से रुपये निकालने का जिम्मा अपने मातहतों को दे रखा है। यहां तक कि पुलिसकर्मी भी इससे परेशान हैं। चर्चा है कि बैंक ड्यूटी में लगे सिपाहियों को अक्सर ही किसी न किसी बड़े साहब के नोट बदलने का जिम्मा दे दिया जा रहा है। बेचारे भीड़ को संभालें या फिर साहब लोगों के आदेश पर नोट बदलें।
कुछ दिन के लिए फीस में दी छूट
पडरौना। एक हजार और पांच सौ के नोट पर प्रतिबंध के बाद प्राइवेट डॉक्टरों की मुश्किल भी बढ़ गई है। मरीजों और उनके परिवारीजनों के पास फीस देने भर का भी रुपये नहीं बचे हैं। आएदिन हो रही इस दिक्कत को देखते हुए शहर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कमलेश वर्मा ने कुछ दिन के लिए अपने यहां आने वाले मरीजों को डॉक्टर के परामर्श शुल्क से छूट दे दी है। कई और डॉक्टरों के भी ऐसा करने की चर्चा है।
रुपयों के लिए हुई नोकझोंक
रामकोला। क्षेत्र के बरवा बाजार स्थित पूर्वांचल बैंक पर सुबह से ही लाइन लगाए लोगों को देर शाम तक रुपये नहीं मिले तो हंगामा होने लगा। जानकारी होने पर प्रभारी एसओ बब्बन सिंह वहां फोर्स लेकर पहुंचे। शाखा प्रबंधक महेंद्र प्रसाद के अनुसार तीन लाख कैश था, जो दोपहर तक बंट गया। शाम सात बजे तक भी बैंकों में भीड़ जमा थी।