अब तक सहमे हैं लोग, मतगणना एजेंट तक नहीं बन रहे
मथौली बाजार(कुशीनगर)। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गांव सिरसिया में प्रधान पद के उम्मीदवार समेत कई घरों में शुक्रवार को बरपे पुलिसिया कहर के बाद लोग अब तक सहमे हुए हैं। रविवार को होने वाली मतगणना के लिए प्रताड़ित पक्ष की तरफ से कोई पोलिंग एजेंट भी बनने को ब्लॉक मुख्यालय तक नहीं पहुंचा था। ग्रामीणों को डर है कि प्रधान पद के उम्मीदवार की मतगणना कराने गए व्यक्ति को भी पुलिस किसी गंभीर केस में न फंसा दे।
बृहस्पतिवार को मतदान के दिन एक पुलिसकर्मी ने एक युवक को बेवजह पीट दिया था। इससे गुस्साई भीड़ ने पुलिसकर्मी को पीट दिया। गांव के ही किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इससे खुन्नस खाए पुलिसकर्मी शुक्रवार की दोपहर में सिरसिया गांव पहुंचे और निवर्तमान प्रधान पति व वर्तमान में प्रधान पद के उम्मीदवार नवरंग सिंह के घर में जमकर उत्पात मचाया। घर के सारे सामान तोड़ दिए और महिलाओं को लड़कियों को भी बेरहमी से पीटा। प्रधान के समर्थक रहे चार-पांच अन्य परिवार के लोगों को भी पुलिस का कोपभाजन बनना पड़ा। उन घरों का भी सामान तोड़ने के साथ ही महिलाओं व लड़कियों से अभद्र व्यवहार किया गया।
पुलिस का तांडव देखकर तमाम लोग गांव छोड़कर भाग गए। घटना की सूचना होने पर रामकोला विधायक रामानंद बौद्घ पहुंचे और वरिष्ठ अफसरों को इससे अवगत कराया। हालांकि पुलिस के सारे वरिष्ठ अफसरों ने इस घटना को ही झुठलाते हुए प्रताड़ित पक्ष पर ही उल्टा दोष मढ़ दिया। कप्तानगंज पुलिस ने वायरल हुए वीडिया के आधार पर गांव के तमाम लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज कर दिया, लेकिन खुद जो तांडव किया, उससे साफ मुकर गई। पुलिस की इस एकतरफा कार्रवाई से गांव के लोग अभी भी सहमे हुए हैं। कई घरों के पुरुष गांव छोड़कर लापता हैं। रविवार को होने वाले मतगणना में भी इस गांव के कई उम्मीदवार और उनके एजेंट शामिल नहीं होंगे। गांव के लोगों का कहना था कि पुलिस कर्मियों ने जिस तरह से गांव में दिन दहाड़े तांडव किया उससे ऐसा प्रतीत होता है कि मतगणना कराने जाने वाले एजेंटों को भी गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गंभीर धारा में केस दर्ज किया जा सकता है।
डीजीपी को अवगत कराएंगे: विधायक
रामकोला विधायक रामानंद बौद्घ का कहना है कि घटना की सूचना मिलने पर गांव जाकर पीड़ितों से मिला था। पुलिस ने जिस तरह से घर में घुसकर महिलाओं व लड़कियों की पिटाई की है, उनसे अभद्रता की है और सामानों को तोड़ा गया है, उससे लगता है कि खुद पुलिस कर्मियों के मन में ही कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं है। सारे प्रमुख अफसरों को इससे अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना और भी चिंताजनक है। इस मामले को डीजीपी से अवगत कराऊंगा। इसके बाद जब भी विधानसभा की बैठक होगी तो पुलिसिया उत्पीड़न की इस सच्चाई से सदन को भी अवगत कराया जाएगा।