तमकुहीरोड। गोरखपुर में मेगा ब्लाॅक खत्म होने के बाद कप्तानगंज-थावे रूट की सभी ट्रेनों का आवागमन शुरू हो गया है, लेकिन दो दिन से पाटलीपुत्र ट्रेन लेट आ रही है। बृहस्पतिवार को पांच घंटे तो शुक्रवार को लगभग चार घंटे विलंब से तमकुहीरोड स्टेशन पर पहुंची। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के अभाव में ट्रेन की प्रतीक्षा करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसे लेकर लोगों ने इस ट्रेन का परिचालन निर्धारित समय से कराए जाने की मांग की है।
कप्तानगंज-थावे रूट पर बिहार की राजधानी पटना की यात्रा के लिए काफी मुफीद मानी जाने वाली 15079/15080 गोरखपुर-पाटलिपुत्र मेल पैसेंजर सहित सभी छह जोड़ी ट्रेनों का संचालन गोरखपुर में मेगा ब्लाॅक खत्म होने के बाद शुरू हो गया है। इस ट्रेन का गोरखपुर से चलने का निर्धारित समय भोर में साढ़े तीन बजे और तमकुहीरोड पहुंचने का समय सुबह 05.36 बजे है। यह ट्रेन बृहस्पतिवार को भोर में साढ़े तीन बजे की जगह 8.55 बजे चली और लगभग पांच घंटे विलंब से 10.55 बजे तमकुहीरोड पहुंची। इसी तरह शुक्रवार को भी यह ट्रेन गोरखपुर से साढ़े तीन बजे की जगह 7.19 बजे चली और लगभग चार घंटे विलंब से सुबह 5.36 बजे तमकुहीरोड पहुंचने के बजाय 9.23 बजे पहुंची।
ट्रेन का परिचालन समय से करने की मांग
यात्रियों का कहना था कि तमकुहीरोड स्टेशन पर यात्री शेड, पेयजल, शौचालय सहित अन्य यात्री सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में गर्मी के बीच इस ट्रेन से यात्रा करने के लिए आने वाले यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसे लेकर व्यापारी नेता पप्पू जायसवाल, अजय गुप्ता, शुकदेव रौनियार, आदित्य वर्मा, दुर्गेश मद्धेशिया आदि का कहना है कि बिहार की राजधानी पटना जाने के लिए यह मुफ़ीद ट्रेन है और नियमित सैकड़ों यात्री यात्रा करते हैं। लेकिन विलंब से चलने के कारण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इन लोगों ने रेल प्रशासन से तमकुहीरोड स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाए जाने के साथ ट्रेन का संचालन निर्धारित समय से कराने की मांग की है।