पडरौना। जिले के 60 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में मौसमी बीमारियों से जुड़े मरीजों की संख्या अधिक रही। मेले में कुल 1743 मरीजों का उपचार कर उन्हें मुफ्त में दवाएं दी गई। उनमें 790 पुरूष, 727 महिलाएं व 226 बच्चे शामिल रहे।
मेले में सांस के 147 मरीज, पेट संबंधी 208 मरीज, शुगर के 211,त्वचा के 335 सहित टीबी के संभावित कुल 22 मरीज आए। इनकी जांच करवाई गई और रिपोर्ट के मुताबिक इलाज कर दवाएं दी गई। इसके अलावा मेले में 423 सामान्य स्वास्थ्य से जुड़े मरीज पहुंचे। उन्हें बीमारियों से बचाव की सलाह देते हुए उपचार किया गया। मेले में आए मरीजों व उनके तीमारदारों का स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संचालित कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई,ताकि उसका लाभ उठा सकें। मेले में कुल 57 डाक्टरों व 220 पैरा मेडिकल स्टाफ ने सहभागिता निभाई।
मथौली प्रतिनिधि के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरभिंडा झांगा में आयोजित आरोग्य मेले में डाक्टरों ने 30 मरीजों का उपचार किया और उन्हें मुफ्त में दवा दी गई। इसमें सबसे अधिक मरीज बुखार और खुजली के पहुंचे, उनकी जांच कर उपचार किया गया। डॉक्टर श्रीदयाल ने बताया कि बुखार, खांसी, त्वचा रोग, शुगर और उच्च रक्तचाप से संबंधित मरीजों की जांच की गई। इस दौरान चंद्रावती (60), बिंदु (40), गिरधारी (65), अश्वनी (62), रमाकांत (50), मनोरमा देवी (50), चंपा (62), खुशबू (26), राजपति (65), मिथिलेश (12), आरएन (14), ज्ञानेंद्र (30) का स्वास्थ्य परीक्षण किया। मेले में फार्मासिस्ट सुनील कुमार, हरि भास्कर, पूजा भारती, राजकुमार व अरुण सिंह मौजूद रहे।
उजारनाथ प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के करमैनी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 37 मरीजों का जांच कर उपचार किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों को मुफ्त में दवाएं दी। इस दौरान आंख, त्वचा, पेट दर्द, खांसी, सर्दी-जुकाम सहित अन्य बीमारियों के मरीजों की जांच की गई। डॉक्टर संजय कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव होने के चलते मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। जिसमें 5 से 14 वर्ष तक के बच्चे शामिल रहे। इस मौके पर जमील अहमद, शंभूशरण पांडेय, रामजी कुशवाहा, अशोक कुशवाहा, सलोनी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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न्यू पीएचसी लक्ष्मीगंज से बिना इलाज लौट गए मरीज
लक्ष्मीगंज। कस्बे के न्यू पीएचसी में रविवार को पहुंचे मरीज डाक्टर व फार्मासिस्ट के अभाव में बिना इलाज ही लौट गए। जबकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ग्रामीण इलाके के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधाएं मुहैया कराए जाने के लिए प्रत्येक सप्ताह में रविवार का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। जहां पर डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में मरीजों का इलाज व जांच कराए जाने का सख्त निर्देश है,इसके बावजूद यहां पर कोई असर नहीं दिखाई दिया। अस्पताल पर सपहा, लालाछपरा, देवरिया बाबू, दहाउर गांव के मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। संवाद
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