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Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में मरीज बढ़े, जांच पुरानी मशीनों के भरोसे

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एक्स रे कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते मरीज।संवाद
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पडरौना। मेडिकल कॉलेज कुशीनगर में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जांच सुविधाएं पुराने उपकरणों के भरोसे चल रही हैं। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनें 10 से 12 साल पुरानी हो चुकी हैं। मरीजों का दबाव बढ़ने से मशीनें अक्सर खराब हो जाती हैं। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। जांच में देरी से इलाज भी प्रभावित हो रहा है।
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जिला अस्पताल के उच्चीकृत होकर मेडिकल कॉलेज बनने के बाद यहां मरीजों की संख्या में तीन से चार गुना तक वृद्धि हुई है। पहले जहां ओपीडी में 400 से 500 मरीज पहुंचते थे, वहीं अब प्रतिदिन 15,00 से 18,00 मरीज आ रहे हैं। इसके बावजूद जांच के संसाधनों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। मरीजों को जांच और इलाज के लिए एक से दो दिन तक अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में लगी एक्सरे मशीन जांच के दौरान गर्म होकर अक्सर खराब हो जाती है। मशीन का तापमान नियंत्रित रखने के लिए कमरे में एसी लगाया गया है, लेकिन वह भी ठीक से काम नहीं करता। नाम न छापने की शर्त पर एक एक्सरे टेक्नीशियन ने बताया कि मशीन पुरानी होने के कारण मरीजों का एक्सपोजर लेने में भी दिक्कत होती है। मशीन खराब होने पर मरम्मत कराकर काम चलाया जाता है।
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अल्ट्रासाउंड मशीन की क्षमता सीमित

करीब 12 साल पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन की क्षमता प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों की जांच करने की है। रेडियोलॉजिस्ट के अनुसार, सामान्य जांच में ज्यादा परेशानी नहीं होती, लेकिन डॉप्लर जैसी विशेष जांचें इस मशीन से नहीं हो पाती हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के मुकाबले रेडियोलॉजिस्ट और एक्सरे टेक्नीशियनों की कमी भी परेशानी बढ़ा रही है। नतीजतन, मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।


मरीज बोले- घंटों इंतजार के बाद भी जांच नहीं
सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचकर पर्चा बनवाया। हड्डी रोग विभाग में डॉक्टर को दिखाने के बाद पैर का एक्सरे कराने की सलाह दी गई। करीब ढाई घंटे से इंतजार कर रहा हूं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। समय से जांच नहीं हुई तो डॉक्टर के ओपीडी से चले जाने पर इलाज प्रभावित हो सकता है।
-इंद्रजीत प्रसाद, पिपरा, वार्ड नंबर-8 पंडित राजमंगल पांडेय नगर
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पेट में दर्द होने पर सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंचा। ओपीडी में डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। जांच के लिए नंबर लगाए करीब दो घंटे हो चुके हैं। अभी एक घंटे और इंतजार करना पड़ सकता है। तब तक डॉक्टर के ओपीडी से चले जाने की आशंका है।
-नीरज यादव, बकुलहवा, तमकुहीराज
कोट

मरीजों की सुविधा के लिए पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड जांच मशीन की खरीदारी के लिए प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही मशीन उपलब्ध होगी। इससे मरीजों की जांच में सहूलियत मिलेगी। नई एक्सरे मशीन भी लगाए जाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
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-डॉ. केपी गोड़, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
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