फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: अपेंडिक्स ऑपरेशन के बाद भाजपा के बूथ अध्यक्ष की मौत, अस्पताल के बाहर शव रख परिजनों का हंगामा-लगाया ये आरोप

Tue, 11 Aug 2026 10:50 AM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

परिजनों का आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर मरीज की बीमारी को समझ नहीं सके और इलाज में लापरवाही बरती गई। 10 अगस्त को हुई जांच में बीमारी गंभीर स्थिति में पहुंचने की बात सामने आई। रात करीब आठ बजे राकेश को लखनऊ ले जाने के लिए एंबुलेंस में लेटाया गया। इसी दौरान एंबुलेंस में उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
रोते बिलखते परिजन और मृतक राकेश यादव की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद मंगलवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना पर रामगढ़ताल पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

विज्ञापन


चिलुआताल थाना क्षेत्र के सेमरा निवासी 35 वर्षीय राकेश यादव का अपेंडिक्स का ऑपरेशन शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में कराया गया था। मृतक के जीजा जनार्दन यादव के मुताबिक, राकेश को चार अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि छह अगस्त को उन्हें जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद रात में तेज दर्द होने पर परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे।

Trending Videos

परिजनों का आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर मरीज की बीमारी को समझ नहीं सके और इलाज में लापरवाही बरती गई। 10 अगस्त को हुई जांच में बीमारी गंभीर स्थिति में पहुंचने की बात सामने आई। रात करीब आठ बजे राकेश को लखनऊ ले जाने के लिए एंबुलेंस में लेटाया गया। इसी दौरान एंबुलेंस में उनकी मौत हो गई।

मौत के बाद परिजन रात में ही एंबुलेंस से शव निकालकर अस्पताल के पास बैठ गए। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे मृतक के गांव के लोग भी वहां पहुंच गए। इसके बाद शव को सड़क पर रखकर अस्पताल के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास करती रही।
विज्ञापन

परिजनों के मुताबिक, राकेश की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई। उनका आरोप है कि समय रहते बीमारी की सही पहचान नहीं होने के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई। परिजन संबंधित डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

राकेश की शादी करीब दस वर्ष पहले हुई थी। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। वह मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाते थे। उनके बड़े भाई बाहर रहते हैं। राकेश की मौत के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें