पटेरा बुजुर्ग गांव में नामांकन के बाद एक प्रत्याशी कमरुद्दीन की मौत हो गई थी। उसके बाद गांव का चुनाव स्थगित कर दिया गया था। नामांकन की तिथि तय की गई, लेकिन किसी प्रत्याशी ने पर्चा नहीं भरा। इस वजह से पहले जिन पांच लोगों ने पर्चा दाखिल किया था, उन्हें ही प्रत्याशी बना दिया गया।
16 दिसंबर को मतदान हुआ था। उस दिन कुल 2026 मतदाताओं में से 1455 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शुक्रवार को सेक्टर मजिस्ट्रेट तहसीलदार सदर नरेश चंद्र, आरओ डॉ. बीके राव, पर्यवेक्षक आनंद सिंह, एडीओ पंचायत गिरीश सिंह, बीडीओ भवनाथ राम की देखरेख में मतों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हुई। इसमें रामहित यादव को 451, सुरेश कुशवाहा को 409, ग्यासुद्दीन को 304, नूरजहां को 287 और महंथ को महज चार वोट मिले। नौ मत अवैध घोषित किए गए। इस तरह रामहित यादव 42 मतों से विजयी घोषित किए गए। रामहित यादव तीन बार से चुनाव हार जा रहे थे। इस दौरान नेबुआ नौरंगिया और जटहां बाजार थाने की पुलिस तथा पीएसी के जवान मौजूद थे।