पडरौना। कसया थाना क्षेत्र के खरदर पुल पर 31 दिसंबर की रात हुई सतीशचंद्र यादव की हत्या का बुधवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस की जांच में मृतक का साथी ही हत्याराेपी पाया गया है। उसने हिस्से के रुपये न मिलने से खार खाकर हत्या करने की बात पुलिस को बताई। हत्या में प्रयुक्त नुकीला डंडा और असलहा भी बरामद हुआ है।
पुलिस कार्यालय में एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि कसया के सीओ कुंदन सिंह के नेतृृत्व में थाने की पुलिस केस दर्ज कर इस हत्या का खुलासा करने में लगी हुई थी। पुलिस की जांच में कसया थाना क्षेत्र के सपहां नौका टोला निवासी मुरारी यादव उर्फ साधू पुत्र शंकर यादव इस हत्या का दोषी पाया गया है। उसे विशुनपुर कट कसया से गिरफ्तार किया गया है। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ठोस नुकीला लकड़ी का डंडा, एक तमंचा, एक खोखा और दो कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा एक जोड़ी जूता, घटना के समय पहना हुआ जींस का पैंट, एक ग्लब्स, टोपी, शराब की एक खाली बोतल भी बरामद की गई। बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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मोटे ब्याज का लालच देकर उधर लेते थे रुपये
एसपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी मुरारी यादव उर्फ साधू और सतीशचंद्र यादव उर्फ पप्पू यादव चार वर्ष से रिश्तेदारों व व्यापारियों को मोटे ब्याज का लालच देकर उनसे लाखों रुपये उधार लेते थे। इसके चलते कई लोगों से विवाद था। सतीशचंद्र यादव ने 31 दिसंबर की रात आठ बजे तक करीब छह लोगों को रकम देने का वादा किया था। आरोपी मुरारी यादव उर्फ साधू को भी एक लाख रुपये देने का वादा किया था। मुरारी यादव को जब पैसे देने की बारी आती थी तो हर बार उसके हिस्से के रुपये सतीशचंद्र यादव खुद व परिवार की एलआईसी कराने में लगा देता था।
तीन लाख रुपये के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ था मनमुटाव
एसपी ने बताया कि इन दोनों के बीच मनमुटाव की शुरुआत 28 अक्तूबर को तीन लाख रुपये के बंटवारे को लेकर हुई थी। सतीशचंद्र अपने एलआईसी एजेंट से लगभग तीन लाख रुपये बीमा पाॅलिसी में जमा करा दिया। 31 दिसंबर को सतीशचंद्र को आरोपी मुरारी यादव उर्फ साधू को एक लाख रुपये देना था। सतीशचंद्र ने 31 दिसंबर को अपनी लड़की व छोटे लड़के के बीमा के नाम पर 50 हजार व 40 हजार रुपये जमा करा दिया। यह बात आरोपी को नागवार गुजरी। उसी दिन सतीशचंद्र ने बताया कि वह बकाया रुपये देनदारों को दे देगा। यह बात पूरे गांव में व आरोपी मुरारी यादव को पता लग गई। रात करीब 10 बजे सतीशचंद्र की ओर से शराब लाने व पीने का आमंत्रण देते ही तुरंत आरोपी खरदर पुल पर पहुंच गया। वहां शराब पीने के बाद दोनों वाद-विवाद करने लगे। जैसे ही सतीशचंद्र यादव सड़क से हटकर कच्चे रास्ते में लघुशंका के लिए गए। पीछे से मुरारी ने 12 बोर के तमंचे से उनके ऊपर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया, लेकिन गोली भटककर हवा में चली गई। इसके बाद वहीं पर पड़े नुकीले लकड़ी के डंडे से सतीशचंद्र के सिर के पीछे जोरदार प्रहार करके वहीं हत्या कर दी। पुलिस को गुमराह करने के लिए बाइक को गिराकर उनके हेलमेट को दूर लटका दिया। उसके बाद बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया। तमंचे व कारतूसों को वहीं पास में मिट्टी के ढेर में छिपा दिया। फायर की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा हो गई तो सहानुभूति का सहारा लेकर वहीं पर खड़ा हो गया। इस खुलासे में कसया थाने के एसएचओ गिरिजेश उपाध्याय, साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार पंत, स्वाट टीम प्रभारी आलोक यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।