पकवा इनार। सूर्योदय से सूर्यास्त तक प्रमुख दर्शनीय स्थल मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर और रामाभार स्तूप परिसर में विदेशी पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। विश्व कल्याण और शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे थाइलैंड के पर्यटकों का तीन समूह महात्मा बुद्ध के अंतिम संस्कार स्थल रामाभार स्तूप परिसर पहुंचा। वहां उन्होंने स्तूप की परिक्रमा बुद्धं शरणं गच्छामि, संघम शरणं गच्छामि, धम्मम शरणं गच्छामि के सस्वर पाठ के साथ किया। इसके अलावा स्तूप परिसर में सूर्योदय से सूर्यास्त तख बांग्लादेश, वियतनाम, भूटान, म्यांमार, मलेशिया और स्विट्जरलैंड के पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। स्तूप से पहले इन पर्यटकों का समूह मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में लेटी महात्मा बुद्ध की प्रतिमा पर चीवर चढ़ाया। तत्पश्चात भू-स्पर्श मुद्रा में महात्मा बुद्ध की मांथा कुंवर मंदिर में प्रतिमा का दर्शन किया। पर्यटकों के उमड़ी भीड़ से रामाभार स्तूप का परिसर गुलजार रहा। साथ चल रहे गाइड उन्हें परिसर में बैठाकर महात्मा बुद्ध के जीवन की प्रमुख घटनाओं की जानकारी देते नजर आ रहे थे। पूरा माहौल बुद्ध मय दिख रहा था। म्यांमार के पर्यटकों के साथ आए गाइड ने बताया कि पहले से अब कुशीनगर विकसित हुआ है। सुविधाएं बढ़ी हैं। लेकिन अगर यहां की कनेक्टिविटी एयर मार्ग से हो जाए, तो पर्यटन के क्षेत्र में आशातीत वृद्धि दर्ज होगी। बताया कि दल यहां से लुंबिनी के लिए रवाना होगा।
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