कसया। कुशीनगर मुख्य गेट के सामने ओवरब्रिज बनवाए जाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को सामाजिक कार्यकर्ता अनशन पर बैठ गए। उनका कहना है कि पिछले दो वर्ष से यहां पर ओवरब्रिज बनवाने के लिए मांग की जा रही हैं, लेकिन सरकार की अनदेखी से आहत होकर उन्हें अनशन पर बैठना पड़ा।
तहसील क्षेत्र के गांव अनिरूद्धवा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता जोगिंदर गुप्ता व पिपराझाम निवासी छोटेलाल सिंह ने बृहस्पतिवार को कुशीनगर स्थित गेट के सामने भगवान बुद्ध की प्रतिमा के बगल में सुबह दस बजे से आमरण अनशन पर बैठ गए।
अनशन कर रहे जोगिंदर गुप्ता ने बताया कि 12 अक्टूबर 2015 को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से एनएच-28 स्थित बुद्धनगरी में ओवरब्रिज बनवाने के लिए मंत्रालय के निजी सचिव वैभव डांगे की तरफ से पत्र मिला था। जिसमें मुख्य अभियंता (पी-2) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजे जाने की बात कही गई थी, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं उतर पाया। फिर से रिमाइंडर एक जून 2016 को भेजा गया, इस बार भी वैभव डांगे की तरफ से पुराना जवाब मिला। इसके पूर्व तीन मार्च 2016 को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण परियोजना निदेशक पीआईयू-गोरखपुर को भी पत्र लिखकर बनवाए जाने की मांग की गई थी। जोगिंदर गुप्ता व छोटेलाल सिंह का कहना है कि जब तक ओवरब्रिज बनवाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा, तब तक अनशन चलता रहेगा।
इस दौरान रामछबिला ठाकुर, मिर्जा वकील बेग, वीरेंद्र पांडेय, उमेश शर्मा, राजन, गोपी गुप्ता, जयप्रकाश राजभर, चंद्रभूषण गुप्ता, भागीरथी शर्मा आदि मौजूद रहे।