गन्ना मूल्य के ब्याज और समितियों के कमीशन समेत 77.12 करोड़ रुपये की वसूली का प्रमाणपत्र जारी हुआ था
39.30 करोड़ रुपये का भुगतान होने की जानकारी, ब्याज का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित
कप्तानगंज। स्थानीय चीनी मिल पर किसानों के गन्ना मूल्य के ब्याज और समितियों के कमीशन समेत 37 करोड़ 81 लाख 81 हजार रुपये बकाया होने की जानकारी जनसूचना के तहत सामने आई है। हालांकि, ब्याज के भुगतान का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। यह जानकारी
कप्तानगंज तहसीलदार की ओर से दी गई है। कस्बा निवासी रामनरेश अग्रहरी ने 21 अगस्त 2025 को जनसूचना अधिकारी एवं तहसीलदार कप्तानगंज से किसानों के ब्याज और समितियों के कमीशन के बकाये से संबंधित जानकारी मांगी थी। जवाब में तहसीलदार ने बताया कि गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से चीनी मिल के खिलाफ 77 करोड़ 12 लाख 61 हजार रुपये की वसूली का प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ था। इसमें से चीनी मिल की ओर से किसानों को 39 करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई। शेष 37 करोड़ 81 लाख 81 हजार रुपये बकाया बताए गए हैं।
इस संबंध में चीनी मिल के उपाध्यक्ष (कार्य) एसके श्रीवास्तव ने बताया कि समितियों के अधिकतम कमीशन का भुगतान किया जा चुका है। शेष रकम के भुगतान की व्यवस्था की जा रही है। किसानों के डिफर्ड भुगतान की रकम भी बकाया है, जिसका भुगतान चीनी मिल चालू होने तक कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्याज को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। न्यायालय का जो निर्णय आएगा, उसका अनुपालन किया जाएगा।