फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: या हुसैन की सदाओं के साथ निकाला ताजिए का जुलूस

Sat, 27 Jun 2026 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद
विज्ञापन
पडरौना/जानकीनगर। मुहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को शहीद-ए-आज़म इमामे हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में पूरे अकीदत और एहतराम के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। हाथों में इस्लामी झंडे लिए अकीदतमंद ‘या हुसैन’, ‘हुसैन जिंदाबाद’ और ‘हुसैन का दामन नहीं छोड़ेंगे’ के नारों के साथ जुलूस में शामिल हुए। पूरे मार्ग पर गम और अकीदत का माहौल रहा।
विज्ञापन

पडरौना व कसया नगर में विभिन्न अखाड़ों की ओर से निकाली गई झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। जुलूस में मौला अली की जुल्फिकार तलवार, खैबर दरवाजा और मक्का के क्लॉक टावर की आकर्षक प्रतिकृतियां शामिल थीं। जुल्फिकार तलवार को क्रेन के सहारे जुलूस में घुमाया गया। खैबर दरवाजा की प्रतिकृति भी दूसरी क्रेन पर सजाकर निकाली गई, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही। पडरौना शहर के छावनी, बड़हरा, बसहिया, बड़हरागंज में निकले ताजिया जुलूस में युवाओं ने करतब दिखाया।
जानकीनगर क्षेत्र के साड़ी खुर्द, बंजारापट्टी, बाजूपट्टी, खुशीपट्टी, बाबू टोला और अर्जुनहा सहित कई गांवों से ताजिया जुलूस निकाले गए। बंजारापट्टी कर्बला पहुंचने पर अंजुमन हसनैन रजा अखाड़ा, तरक्की-ए-तलबा इस्लामिया अखाड़ा और अली इस्लामिया अखाड़ा के कलाकारों ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर लोग दंग रह गए। इसी तरह सिधुआ बांगर भाठ कर्बला और शिवपुर कर्बला में भी आसपास के कई गांवों से पहुंचे ताजियों के साथ अखाड़ों के कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। जुलूस मार्ग पर विभिन्न समाजसेवियों की ओर से अकीदतमंदों के लिए पानी और शरबत की व्यवस्था की गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे जुलूस मार्ग और कर्बला स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान शेख अब्दुल समद, मुदस्सिर, राजेश गुप्ता ‘मुन्ना’, आतिफ लारी, अकील सिद्दीकी, शहीद शाह, जमालुद्दीन वारसी, अशफाक आलम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन

शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे महासोन एवं महुअवा कारखाना गांव का ताजिया साधन सहकारी समिति महासोन परिसर में रखा गया। मातमी जुलूस में शामिल अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक युद्धकला का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए विभिन्न समुदायों के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान वसीम द्वारा आग के खेल तथा अजमल और सोनू अली द्वारा काल्पनिक युद्धकौशल के प्रदर्शन पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। “या हुसैन” की सदाओं से पूरा वातावरण गूंज उठा।
शाम को आयोजित मजलिस में मौलाना तौकीर आलम ने कर्बला के मैदान में दीन-ए-इस्लाम की रक्षा के लिए पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब अत्याचार अपनी सीमा पार कर जाता है, तब सत्य और न्याय की रक्षा के लिए महान व्यक्तित्व आगे आते हैं। उनकी तकरीर सुनकर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।इसी प्रकार पुरंदरपुर, बेलवा बुजुर्ग, बरवा सुकदेव, लाला गुरुवालिया, जंगल घोरठ, बसडिला पांडेय, पिपरा रज्जब, गड़हियां, झनकौल और रावतपार सहित क्षेत्र के अनेक गांवों में भी मोहर्रम के ताजिए निकाले गए। ताजिया मिलन कार्यक्रमों में ताजियेदारों ने हसन और हुसैन की शहादत पर आधारित जारियां प्रस्तुत कर लोगों को कर्बला की कुर्बानी का संदेश सुनाया।मोहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
कार्यक्रम में रामाशीष यादव, इरशाद आलम, अंशुमान त्रिपाठी, आशिक अली, जावेद अली, सनोज अली, इजहार अली, अजमल अली और सरफराज अली सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
व्यवस्था का जायजा लेते रहे अफसर : कुशीनगर। मुहर्रम पर मुस्लिम समाज की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जुलूस निकाला गया। खिलाड़ी खेल कौशल दिखाते हुए चल रहे थे। या हुसैन के नारे गूंजते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। अफसरों ने विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा लेते रहे। दुदही प्रतिनिधि के अनुसार, मुस्लिम समाज के लोगों ने ताजिया जुलूस निकाला।
सभी ताजिए दुदही रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंचे, यहां ताजियों का मिलन हुआ। युवकों ने हैरतअंगजेब करतब दिखाए। बोदरवार प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल युवाओं ने करतब दिखाए। ताजिया जुलूस कर्बला पहुंचा, जहां सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान या हुसैन की सदाएं गूजती रही। पिपराघाट प्रतिनिधि के अनुसार, अखाड़ों के कलाकारों ने खेल का प्रदर्शन किया।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार,सोहनी, पटखौली, इंदरपुर, बभनौली, पगार चिलुवान सहित दर्जनों गांव से ताजिया जुलूस कर्बला पर पहुंची,जहां उन्हें दफन किया गया। तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, सेवरही क्षेत्र में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को बड़े शिद्दत के साथ ताजिए निकाल कर कर्बला के जंग में शहादत लेने वाले 72 शहीदों को याद किया गया। संवाद
शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ मोहर्रम का पर्व : कसया। नगर सहित क्षेत्र के विभिन्न वार्डों और गांवों से आए ताजियों का कसया नगर में प्रदर्शन किया गया। विभिन्न अखाड़ों के आयोजकों द्वारा लाठी, डंडा, फरसा, भाला, तलवार आदि पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतब भी प्रस्तुत किए गए। सभी ताजियादार अपने-अपने अखाड़ों के साथ गोलाबाजार चौक पर एकत्र हुए, जिसके बाद जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए नेशनल हाईवे ओवरब्रिज, गांधी चौक, पडरौना मार्ग, गोरखपुर मार्ग, रामकोला मार्ग और सपहा मार्ग से होकर नगर में भ्रमण किया गया। देर शाम तक गांधी चौक एवं कचहरी परिसर में मेले और खेल का आयोजन भी चलता रहा। इसके बाद सभी ताजियादारों ने कर्बला में ताजियों का दफन किया और फातिहा पढ़कर मोहर्रम का पर्व सम्पन्न किया।

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

महासोंन स्थित ताजिया जुलूस में करतब दिखाते खिलाड़ी।संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें