पडरौना। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में कुछ दिन पहले नवजात की मौत के बाद हुए हंगामे का असर अब व्यवस्था पर दिखने लगा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एसएनसीयू के 35 वार्मर पर 35 ही नवजात भर्ती होंगे, यानी एक वार्मर पर एक ही नवजात भर्ती किए जाएंगे। इससे नवजात से नवजात में संक्रमण का खतरा कम होगा। विडंबना यह है कि जिस संक्रमण से बचाव के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है, उसी एसएनसीयू में सोमवार को शुरुआती जांच के दौरान एक ही वार्मर पर दो से तीन नवजातों को लिटाकर मेल स्टाफ नर्स उपचार करता नजर आया। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में नवजात की मौत हाल ही में हुई थी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वार्मर की क्षमता के अनुरूप ही मरीज भर्ती करने का निर्देश जारी किया। प्राचार्य डॉ. केपी गोंड ने बताया कि एसएनसीयू में वार्मर की संख्या 35 है और उसी के सापेक्ष नवजात शिशुओं को भर्ती किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि गंभीर नवजात शिशुओं को तत्काल रेफर किया जाता है। यहां उनका इलाज करने के बाद यदि सुधार नहीं होता है तो ही रेफर किया जा रहा है। वार्मर की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।