पडरौना। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चों को निशुल्क दाखिला दिलाने पर सख्ती की जाएगी। मुफ्त दाखिले के लिए आवेदन करने वाले हर बच्चे की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। हर चरण में प्रवेश न पाने वाले बच्चों की संख्या ली जाएगी और किन कारणों से प्रवेश नहीं मिला, उसकी भी समीक्षा होगी।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में दाखिला आसान नहीं होगा। सरकार सख्ती की तैयारी कर रही है। आरटीई के तहत नामांकित विद्यार्थियों के नामांकन के प्रति शिक्षाधिकारियों व निजी स्कूलों की जवाबदेही तय की जाएगी। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए वेबसाइट www.rte25.upsdc.gov.in जारी कर दिया गया है।
बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्या ने बताया कि आरटीई के तहत इस बार और सख्ती बढ़ाई जाएगी। यदि किसी बच्चे के आवेदन फॉर्म में कोई त्रुटि है तो ब्लॉक स्तर पर बने हेल्प डेस्क पर अभिभावकों को बुलाकर उसे दूर कराया जाएगा। विशेष चरण में छूटे हुए बच्चों को दाखिला दिलाया जाएगा। आरटीई के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश के लिए अगले महीने से प्रक्रिया शुरू होगी।
आरटीई पोर्टल पर जिले के 998 प्राइवेट विद्यालय पंजीकृत हैं। इसमें करीब 5,000 सीटें हैं। वर्तमान शैक्षिक सत्र में करीब कुल 1722 बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है। नामांकन के लिए करीब 3500 आवेदन आए थे।
अपार आईडी बनाने पर ही मिलेगी फीस प्रतिपूर्ति
आरटीई में प्रवेश पाने वाले प्रत्येक बच्चे का ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा। आरटीई पोर्टल पर जानकारी साझा की जाएगी। प्रवेश पाने वाले प्रत्येक बच्चे का आधार कार्ड विद्यालय बनवाएंगे, तभी उन्हें फीस प्रतिपूर्ति दी जाएगी। निजी स्कूलों में प्रवेश पाने वाले प्रत्येक गरीब बच्चे की हर महीने 450 रुपये फीस प्रतिपूर्ति की जाएगी।
आनाकानी करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
हर चरण में आरटीई में हुए प्रवेश की समीक्षा होगी। जिन ब्लॉक में सीटों के मुकाबले कम दाखिले होंगे, वहां जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया जाएगा। प्रवेश में आनाकानी करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। हर चरण के बाद प्रवेश की ऑनलाइन जानकारी साझा की जाएगी।