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Kushinagar News: सड़क हादसाें में रोज हो रही एक की मौत, फिर तोड़ रहे नियम

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- यातायात माह में भी खुलेआम उड़ रही नियमों की धज्जियां
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- सिर से हेलमेट गायब, बाइक पर बेखौफ तीन सवारी फर्राटे भर रहे युवक

पडरौना। यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिम्मेदार भी नियमों का पालन नहीं करा पा रहे है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले दस महीने में 635 हादसे हुए। इसमें 354 लोगों की मौत हो गई। जबकि 417 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आंकड़े बता रहे है लापरवाही के कारण हुए हादसों में रोज एक व्यक्ति अपनी जान गवां रहा है। इन हादसों से भी कोई सबक नहीं ले रहा है।
एक नवंबर से यातायात माह का आगज हुआ। पूरे महीने यातायात पुलिस को नियमों को लेकर जागरूकता अभियान चलाना है। वहीं सड़कों पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी है। लेकिन इस विशेष माह में भी पुलिस का रवैया सामान्य दिनों जैसा है। हालात यह है कि पुलिस के सामने ही बाइक सवार बिना हेलमेट के तीन सवारी फर्राटे भरते हैं। पर, उनके खिलाफ कार्रवाई के नाम पर चालान कर अपन पल्ला पुलिस झाड़ ले रही है।
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यातायात माह शुरू हुए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन सड़कों पर कहीं इसका असर नहीं दिख रहा है। नगर की सड़कों पर दो पहिया वाहनों से लेकर लग्जरी और बड़े वाहन चालक बेखौफ होकर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बाइक सवार युवक तो बिना हेलमेट पहने ही बाइकों को रफ्तार दे रहे हैं। उन्हें तो ने पुलिस की कार्रवाई का डर है और न ही होने वाली दुर्घटना से भय है। कई किशोर भी बिना हेलमेट के ही सड़कों पर बाइक से फर्राटे भर रहे हैं।

बिना हेलमेट तीन सवारी बाइक सवार भर रहे फर्राटे
जिला मुख्यालय रोड स्थित गंडक नहर के पुल के पास रविवार को खुलेआम यातायात निमयों की धज्जियां उड़ रही थीं। हालात यह थे आधा घंटा के अंदर करीब सौ से अधिक बाइक सवार गुजरे। कुछ को छोड़ दिया जाए तो सभी बिना हेलमेट व तीन सवारी ही दिखे। यही हाल प्रमुख स्थानों में तिलक चौक, धर्मशाला रोड, दरबार रोड, सुभाष चौक, जिला मुख्यालय रोड, रामकोला रोड का भी रहा। वहीं, चौराहे पर पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, लेकिन बेखौफ उनके सामने से ही बाइक सवार निकल जा रहे थे।
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हर साल बढ़ती गई हादसों के साथ मौत की संख्या
हर वर्ष यातायात माह के अलावा बीच-बीच में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की तरफ से विद्यालयों से लेकर टैक्सी स्टैंडों पर जारूकता कार्यक्रम होता है। इसमें लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देकर जागरूक किया जाता है। इसके बाद भी जिले की सड़कों पर होने वाली सड़क दुर्घटना कम होने के बजाय, साल दर साल बढ़ता जा रहा है। बीते छह वर्ष में जिले में हुई सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को देखें तो दुर्घटना में हुए मौत की संख्या भी बढ़ी है।


पिछले पांच साल में हुए हादसे, घायल व मृतकों की संख्या
वर्ष ..................... दुर्घटना की संख्या ...................मृतकों की संख्या .............. घायलों की संख्या
2018 ......................... 529 .................................. 306 ................................ 294
2019 ......................... 574 .................................. 343 ................................ 311
2020 ......................... 549 .................................. 341 ................................. 278
2021 ......................... 612 .................................. 378 ................................. 345
2022 .......................... 717 .................................. 412 ................................. 417
2023 (31 अक्तूबर तक) . 635 .................................. 354 ................................. 417
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