बताया जा रहा है कि परशुरामपुर के मोहन की सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीय पुत्री अर्पिता राय अपनी ही सहपाठी साक्षी राव पुत्री सुभाष के साथ सुबह लगभग आठ बजे पैदल विद्यालय पढ़ने जा रही थी। दोनों पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोबरही की छात्रा थी। गोबरही चौराहे के पास पहुंची थी, तभी फाजिलनगर क्षेत्र के इमिलिया से वापस कप्तानगंज जा रही बरातियों की तेज रफ्तार कार उन्हें टक्कर मारकर चली गई।
इस दुर्घटना में अर्पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साक्षी गंभीर रूप से घायल हो गई। यह देख कुछ युवकों ने बाइक से कार का पीछा किया, लेकिन वह भाग निकला। युवकों ने बताया कि उस पर चौधरी परिवार लिखा था। इसलिए पीछे से आ रही एक और कार, जिस पर चौधरी परिवार लिखा था, रोक लिया। पूछताछ में पता चला कि दोनों बराती वहीं से आ रहे थे।
कार में सवार दूल्हे के चाचा, शादी लगाने वाले अगुवा और चालक को लोगों ने पकड़कर जूनियर हाईस्कूल में बंद कर दिया। घटनास्थल पर भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन लोगों ने शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया और बड़े अधिकारी को बुलाने की मांग करने लगे।
इसके बाद एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव पहुंचीं। उन्होंने समझा-बुझाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। उसके बाद दूल्हे के परिवारवाले बाहर आ सके और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। दूसरी छात्रा जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दी गई।