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सोमवार रात में बंद हो गई चीनी मिल

Tue, 15 Dec 2015 11:49 PM IST
अमर उजाला/कुशीनगर
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रामकोला। सोमवार की मध्य रात्रि में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड की रामकोला चीनी मिल ने पेराई ठप कर दी। एक सप्ताह में ही इस चीनी मिल के बंद हो जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। मिल के गेट पर गन्ना लदी गाड़ियां मंगलवार को खड़ी रहीं।
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इस चीनी मिल अपने नए पेराई सत्र की शुरूआत सात दिसंबर को की थी। किसानों ने मिल को गन्ना देना शुरू कर दिया था। अभी एक सप्ताह ही बीता था कि सोमवार की मध्य रात्रि में नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल कोर्ट के आदेश पर मिल प्रबंधन ने पेराई बंद कर दी।
इस मिल पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण से अनुमति लिए बिना पेराई शुरू करने का आरोप है। सोमवार की रात में जांच करने आई सेंट्रल पॉलूशन कंट्रोल बोर्ड और स्टेट पॉलूशन कंट्रोल बोर्ड ने मिल को संचालित मिलने पर बंद करा दिया। मिल के बंद होने पर वहां गन्ना लेकर चीनी मिल पर आए किसान गेट बंद देखकर परेशान हो गए।
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इसकी सूचना ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को हुई तो उनकी चिंता बढ़ गई। खेतों में गन्ना कटवा चुके किसान मिल के अचानक बंद होने से बेहाल हो उठे हैं। इस संबंध में चीनी मिल के उपाध्यक्ष एमए कुरैशी ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल कोर्ट के अनुपालन में पेराई कार्य बंद किया गया है। उस कोर्ट से अनुमति मिलते ही पेराई कार्य आरंभ कर दी जाएगी।

पिछले सत्र से ही जांच कर रही थी एनजीटी
त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड की रामकोला चीनी मिल के फैक्ट्री मैनेजर मानवेंद्र राय ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल) प्रदूषण से संबंधित मामले देखता है। उसकी तरफ से पिछले सत्र से ही फैक्ट्री की जांच की जा रही थी। उससे अनुमति लेकर ही नए सत्र में पेराई शुरू करनी थी। एनजीटी ने एक दिसंबर को जारी अपने आदेश में पंद्रह दिनों के लिए मिल चलाने की अनुमति दी थी। साथ ही सेंट्रल पॉलूशन कंट्रोल बोर्ड एवं स्टेट पॉलूशन कंट्रोल बोर्ड की टीमें भी इसकी जांच कर रही हैं। सोमवार की रात में पहुंची दोनों टीमों ने मिल को बंद करा दिया। जांच रिपोर्ट बुधवार को दिल्ली में पेश की जाएगी।
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