एसडीएम से विवाद के बाद शांति भंग की आशंका में जेल भेजी गई मीरा कुशवाहा को 11 दिन बाद भी जमानत नहीं मिली है। इस महिला का छह महीने का बच्चा मां से दूर रहने की वजह से बीमार पड़ गया है। महिला के घरवाले जमानत के लिए कई बार एसडीएम से गुहार लगा चुके हैं। जेल मे बंद मीरा की मां ने एसडीएम पर बदले की भावना से कार्य करने का आरोप लगाते हुए डीएम समेत अन्य अफसरों से गुहार लगाई है।
बीते 30 जुलाई को हथिया गांव की रहने वाली मीरा कुशवाहा जमीनी विवाद संबंधी एक मामले को लेकर अपने वकील के साथ एसडीएम खड्डा अरुण कुमार से मिलने गई थी। वहां एसडीएम से हुई कहासुनी के बाद पुलिस ने महिला को शांति भंग की आशंका में जेल भेज दिया था। मीरा की मां कमला देवी के अनुसार जमीनी विवाद के इस मामले में पहले से ही अफसर मीरा से खुन्नस खाए हुए हैं। उसके साथ एक बार पहले भी ऑफिस में ही दुर्व्यवहार हो चुका था। दुबारा हुई घटना के बाद तुरंत ही उसे जेल भेज दिया गया। जेल भेजते समय उसके दुध मुंहे बच्चे को साथ नहीं ले जाने दिया गया। बच्चा मां के दूध के लिए तड़प रहा है। मां से बिछडे़ बच्चे की तबीयत खराब हो गई है। बुधवार को बीमार बच्चे को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मे भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद बच्चे की सेहत में थोड़ा सुधार होने के बाद घरवाले अब मीरा की जमानत के लिए अफसरों के आगे चिरौरी कर रहे हैं। मीरा की मां कमला ने डीएम समेत प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई है।
मीरा के अधिवक्ता अखिलेश पांडेय का कहना है कि जानबूझकर मीरा की जमानत मंजूर नहीं की जा रही है। यह महिला एवं उसके बच्चे के नैसर्गिक अधिकारों का हनन है।