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Kushinagar News: खाड़ी देशों में फंसे लोगों के घर अफसरों ने दी दस्तक

Tue, 03 Mar 2026 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। ईरान-इस्रायल युद्ध के चलते खाड़ी देशों में फंसे जिले के लोगों के चिंतित परिवारों को लिए राहत भरी खबर है। सरकार के निर्देश पर वहां फंसे लोगों के घर अब अफसर पहुंच रहे हैं और वहां उनके परिजनों से पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। इससे फंसे लोगों के परिजनों में अपनों के सुरक्षित वतन वापसी की उम्मीद जग गई है। जिला प्रशासन की ओर से लगातार दो दिनों में हुए सर्वे के अनुसार, जिले के विभिन्न इलाकों के 14 हजार से अधिक लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षित वापसी को लेकर शासन व प्रशासन कवायद में जुट गया है। बताया जा रहा है कि ईरान इस्रायल के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है।
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एक तरफ जहां विदेश मंत्रालय दूतावासों के जरिए फंसे लोगों को निकालने की योजना बना रहा है। वहीं, दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फंसे हुए लोगों के परिजनों से मिलकर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिला रहे हैं और उनसे फंसे लोगों की पूरी जानकारी हासिल कर रहे हैं। ताकि एक रिपोर्ट तैयार कर शासन को दिया जाए और आगे की रणनीति तय केंद्र व प्रदेश सरकार फंसे लोगों को वतन वापसी करा सके।
खाड़ी देशों में फंसे लोगों को लेकर अधिकारियों की सक्रियता तेज हो गई है। ग्राउंड लेवल पर जिला प्रशासन के अधिकारी उन परिवारों के घर-घर पहुंच रहे हैं, जिनके सदस्य खाड़ी देशों में काम के सिलसिले में या यात्रा पर गए थे और वहां ईरान-इस्रायल के बीच चल रहे संघर्ष के चलते वहां फंस गए हैं। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य परिवारों को यह जानकारी देना है कि उनके परिजन सुरक्षित हैं और सरकार सीधे उनके संपर्क में है। बताया जा रहा है कि हवाई क्षेत्र खुलते ही सभी को सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी।
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2 मार्च से फंसे लोगों की जुटाई जा रही जानकारी
ईरान-इस्रायल के बीच बीते 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष और उसकी भयावहता को देखते हुए शासन से मिले निर्देश पर जिला प्रशासन बीते 2 मार्च से फंसे लोगों की जानकारी जुटाने में जुट गया है,ताकि शासन को फंसे लोगों के बारे में जानकारी दी जा सके। इसको लेकर फंसे लोगों के घर अधिकारी पहुंच रहे हैं और परिवार के लोगों से फंसे व्यक्ति का नाम,जिला, पिता का नाम, उसका मोबाइल नंबर, पूरा पता, किस देश में फंसे हैं, खाड़ी देशों में जाने का उद्देश्य,जैसे नौकरी, पढ़ाई या व्यापार आदि की जानकारी जुटाई जा रही है। जिले की पूरी जानकारी की रिपोर्ट तैयार कर कलेक्ट्रेट स्थित आपदा कंट्रोल रूप को उपलब्ध कराया जाना है।
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हवाई सेवाएं हुईं रद्द, शादी में नहीं आ पाएंगे वतन
कप्तानगंज। ईरान-इस्रायल युद्ध के चलते खाड़ी देशों में हो रही आसमान से बमबारी और मिसाइलों की गूंज के बीच वहां के कार्यालय और कंपनियों में ताले लग गए हैं। इनमें तैनात कामगार व अधिकारी सुरक्षा के लिहाज से बंकरों व घरों के कमरों में ही दुबके हुए हैं। उन्हें बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी है,जिसके चलते क्षेत्र के फंसे लोग वतन वापसी घर नहीं आ पाएंगे, जबकि कुछ लोगों के घर शादियां तय हैं लेकिन इस युद्ध की घड़ी में हवाई सेवाएं रद्द होने व सुरक्षा कारणों के चलते नहीं आ सकेंगे।
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क्षेत्र के कोटवा गांव निवासी रवींद्र सिंह दोहा कतर में एक कंपनी में सेफ्टी सुपरवाइजर पद पर तैनात हैं। वतन वापस आने के लिए सोमवार इंडिगो एयरलाइंस में टिकट की बुकिंग कराई थी, लेकिन युद्ध के चलते हवाई सेवाएं रद्द हो गई हैं। बड़े भाई योगेंद्र सिंह ने बताया कि दोहा कतर से दिल्ली और दिल्ली से गोरखपुर तक की टिकट कराई थी। योगेंद्र को भाई के होली में नहीं पहुंचने को लेकर मलाल है।
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कोटवा गांव निवासी मिंकू सिंह दोहा कतर में एक कंपनी में इलेक्ट्रीशियन सुपरवाइजर पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी गायत्री देवी ने बताया कि फ्लाइटें रद्द होने से पति नहीं आ पा रहे हैं,जबकि उन्होंने होली को लेकर कंपनी से छुट्टी लेकर टिकट की बुकिंग कराई थी,उन्हें मंगलवार को घर पहुंचना था। व्हाट्सएप के माध्यम से बहुत ही मुश्किल से बात हो पा रही है। पति बता रहे हैं कि चारों तरफ से सिर्फ बमबारी की आवाज सुनाई दे रही है।
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