पडरौना। कुशीनगर वन प्रभाग में 22 एवं 23 जून को ग्रीष्मकालीन सारस गणना कराई गई। पिछले साल की तुलना में दो सारस बढ़े हैं। वन विभाग के अनुसार, गणना अभियान में संबंधित रेंज में तैनात वन दरोगा, वन रक्षक एवं अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया। दो दिनों तक चले सर्वेक्षण के दौरान पूरे वन प्रभाग में कुल 57 सारस दर्ज किए गए। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सारस की नियमित गणना से इनके संरक्षण, आवास और संख्या की निगरानी करने में मदद मिलती है। इसके आधार पर संरक्षण संबंधी योजनाओं को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है। सारस की संख्या में हो रही बढ़ोतरी पर्यावरण के लिहाज से ठीक माना जा रहा है। डीएफओ वरुण सिंह ने बताया कि तराई क्षेत्र सारस को भा रहा है। हर साल इनकी संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। संवाद