फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ से घिरे पिपराघाट के 12 पुरवे, घरों तक पहुंचा पानी

विज्ञापन
पिपराघाट के परिषदीय स्कूल में घुसा पानी। - फोटो : KUSHINAGAR
विज्ञापन
बाढ़ से घिरे पिपराघाट के 12 पुरवे, घरों तक पहुंचा पानी
विज्ञापन

तमकुहीरोड। तीन दिन पहले वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में 2.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के चलते तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में बाढ़ आ गई है। पिपराघाट गांव के 12 पुरवे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इसके अलावा अहिरौलीदान गांव के डीह टोला में लोग कटान के भय से अपना पक्का मकान तोड़ रहे हैं।
वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में शुक्रवार की रात 10 बजे 2.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शनिवार व रविवार को भी पानी का बहाव दो लाख क्यूसेक से अधिक रहा। रविवार को दोपहर बाद तीन बजे नदी में दो लाख 39 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। गंडक नदी में लगातार बढ़ रहे पानी के चलते उससे जुड़ी बांसी नदी भी उफान पर है।नदी का पानी खेतों से होता हुआ आबादी तक पहुंचने लगा है। बाढ़ के पानी ने मुसहरी टोला, हनुमान टोला, चौकी टोला, इमिलिया टोला, रानी गंज, जयपुर, नरवा टोला, उपाध्याय टोला, बेनिया पिपरा, तवकल टोला, दहारी टोला, मोतीराय टोला, बुटन टोला, जोगनी, नरवाजोत, भंगी टोला, रणजीत टोला, गोला घाट आदि पुरवा घिर गए हैं। बाढ़ का पानी सड़कों पर बह रहा है। स्कूलों में पानी भर गया है। सबसे खराब स्थिति मुसहरी टोला, शिव टोला और इमिलिया टोला की है। बाढ़ प्रभावित पुजारी सिंह, शिवपूजन निषाद, विपिन यादव, सकलदेव सिंह, सरल शर्मा, ध्रुव निषाद, सुदामा यादव, कमल निषाद, पन्नालाल यादव, आदित्य यादव, निरंकारी आदि ने बताया कि अभी तहसील प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों में कोई मदद नहीं पहुंची है।
विज्ञापन

तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि प्रभावित गांवों की सुरक्षा व बचाव को लेकर प्रशासन गंभीर है। संबंधित सभी राजस्व कर्मियों को सतर्क किया गया है। जरूरी उपाय कराए जा रहे हैं।
चारों तरफ जमा है पानी, बढ़ी परेशानी
खड्डा। वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में छोड़ा जा रहे पानी के चलते खड्डा तहसील क्षेत्र के दियारा क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में पानी भरा हुआ है। संपर्क मार्गों पर पानी बहने की वजह से लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। सर्प व अन्य जहरीले जीव जंतुओं के गांव में घूमने से लोग सहमे हुए हैं।
विज्ञापन

शुक्रवार की रात में गंडक नदी में 2.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते खड्डा तहसील क्षेत्र में नदी के बाईं तरफ बसे गांव मरचहवा के तीन टोला व बसंतपुर बाढ़ के पानी से घिर गए। बसंतपुर-सोहगी बरवा मार्ग पर पानी के तेज बहाव के चलते आवागमन ठप हो गया। बसंतपुर से मरचहवा दक्षिण टोला को जोड़ने वाली सड़क पर भी पानी भर गया। पानी के दबाव से एक पक्का पुव्लिया व एक ह्यूम पाइप पुलिया भी बह गई। मरचहवा उत्तर टोला व पूरब टोला को जोड़ने वाली सड़क पर भी पानी बह रहा है। शिवपुर गांव की पुलिस चौकी में भी पानी भर गया है। लोग अपने घरों में मचान पर शरण लिए हुए हैं। जानवरों के लिए चारे कि समस्या आ गई है। बाढ़ से परेशान ग्रामीण दिलीप कुशवाहा, नरेश, छांगुर, अमरनाथ, बुद्धिराम, रामअवध, अब्बास, निजामुद्दीन, नथुनी, जवाहिर आदि ने बताया कि सबसे अधिक दिक्कत छोटे बच्चों, महिलाओं व बुजुर्ग व बीमार लोगों को बहुत दिक्कत हो रही है। अभी तक कोई प्रशासनिक मदद नहीं पहुंची है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें