-लू के थपेड़ों और अव्यवस्था के बीच बस का इंतजार करते हैं यात्री
-छह माह से बन रहा रोडवेज का भवन, जिम्मेदारों को नहीं है चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। रोडवेज भवन निर्माण में अभी वक्त लगेगा। यात्रियों को बैठने के लिए छज्जा और पीने के पानी का इंतजाम नहीं है। चिलचिलाती धूप में सड़क किनारे यात्रियों को बस का इंतजार करना पड़ता है। छह महीने से यात्रियों को यह परेशानी झेलनी पड़ रही है। रोडवेज की ओर से कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया है।
पडरौना रोडवेज से दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर और कई जिले के लिए बसें संचालित होती हैं, लेकिन यात्रियों को बैठने, पीने के पानी का इंतजाम तक नहीं है। लू के थपेड़ों के बीच चिलचिलाती धूप में यात्रियों को बस का इंतजार करना पड़ रहा है। रोडवेज के जिम्मेदारों की ओर से यात्रियों की सहूलियत के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, ताकि यात्री कहीं बैठकर बसों का इंतजार कर सकें।
रोडवेज गेट पर प्राइवेट बस वालों का कब्जा रह रहा है। यात्रियों को आसपास के दुकानों में बैठकर बस के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। बस स्टैंड के लिए भवन का निर्माण करीब छह माह पहले शुरू हुआ। काम की गति तो तेज हैं, लेकिन भवन का निर्माण पूरा होने में अभी समय लगेगा। यात्रियों के लिए रोडवेज परिसर में कोई व्यवस्था नहीं की गई तो गर्मी के दिनों में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि भवन का निर्माण चल रहा है। कैंपस में जगह नहीं होने के कारण कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है।
पडरौना रोडवेज पर यात्री सुविधाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। भवन बन रहा है, लेकिन विभाग को यात्रियों के लिए इंतजाम करना चाहिए।
-मोनू अंसारी यात्री
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रोडवेज बस का किराया यात्री चुकता करते हैं। लेकिन यात्रियों की सुविधा का विभागीय जिम्मेदार ख्याल नहीं रख रहे हैं। भवन निर्माण से पहले कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
-जितेंद्र कसेरा यात्री