पडरौना। जिले में डाक घर पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू होने के बाद आवेदन करने वालों की संख्या में इजाफा तेजी से हुआ है। शुरुआत में पासपोर्ट के लिए सिर्फ 40 लोग ही एक दिन में पासपोर्ट के लिए आवेदन करते थे। इसके चलते डेढ़ से दो माह बाद वेरिफिकेशन के लिए नंबर आता था, लेकिन आवेदकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीते 22 सितंबर से इसकी क्षमता बढ़ा दी गई है और एक दिन में 90 लोग एक साथ पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पासपोर्ट सेवा केंद्र पर सात महीने में आठ हजार लोगों का यहां से पासपोर्ट बन चुका है, इसमें सर्वाधिक विदेश में काम करने जाने वाले युवा शामिल हैं। जिले के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले गोरखपुर जाना पड़ता था। अप्रैल 2025 में डाक घर पासपोर्ट सेवा केंद्र का शुभारंभ हुआ था। शुरुआती दिनों में सिर्फ 40 लोगों को एक दिन में आवेदन करने की क्षमता थी, इसके चलते आवेदकों के कागजातों का वेरिफिकेशन के लिए डेढ़ से दो माह बाद समय आता था। इससे पासपोर्ट बनवाने में समय लगता था।
सहूलियत होने के कारण पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या बढ़ने लगी। इसको देखते हुए डाक घर पासपोर्ट सेवा केंद्र ने 50 की और संख्या 22 सितंबर से बढ़ाने की अनुमति दे दिया है। इससे प्रतिदिन 70 से 75 लोग पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं, संख्या अधिक होने के कारण कागजात वेरिफिकेशन दो से तीन दिन में हो जा रहा है। इतनी जल्दी वेरिफिकेशन होने की वजह आवेदकों की संख्या बढ़ना बताया जा है।
एक माह के अंदर लोगों का पासपोर्ट बन जा रहा है। अब तक जो भी पासपोर्ट बने हैं, इसमें सार्वाधिक कुशीनगर जिले के रहने वाले लोग शामिल हैं, दूसरे स्थान पर देवरिया और तीसरे पर गोरखपुर जिले के लोग हैं। पडरौना के डाक अधीक्षक ललित कुमार ने बताया कि पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते आवेदन करने की 40 से बढ़ाकर 90 कर दिया गया है।