पडरौना। परिषदीय विद्यालयों में निशुल्क बंटने वाली यूनिफार्म की खरीद और
उसकी गुणवत्ता में अनियमितता मिलने पर सात सहायक अध्यापकोें के निलंबन के
बाद 12 और शिक्षक भी इस मामले में संदेह की जद में आए हैं।
बीएसए ने
बृहस्पतिवार को इन सभी को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया
है।दरअसल, सर्वशिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में बच्चों को दो-दो
सेट यूनिफॉर्म बांटी जाती हैं।
इस मामले में लगातार मिल रही
शिकायतों पर कमिश्नर पी गुरुप्रसाद ने एक अंतर्जनपदीय कमेटी गठित कर
गोरखपुर मंडल के चारों जिलों में हुई यूनिफार्म खरीद की जांच कराई थी।
संभागीय
लेखा परीक्षा अधिकारी, संभागीय परिवहन अधिकारी तथा उप गन्ना आयुक्त पूर्वी
क्षेत्र की कमेटी की रिपोर्ट में कुशीनगर के कुछ स्कूलों में हुए ड्रेस
वितरण में अनियमितता की पुष्टि हुई, जिस पर कमिश्नर के निर्देश पर कुशीनगर
के बीएसए ने सात अध्यापकों को निलंबित कर दिया।
इन अध्यापकों में
प्राथमिक विद्यालय खभराभार के सहायक अध्यापक आशुतोष गुदैनिया, कन्या पूर्व
माध्यमिक विद्यालय कप्तानगंज के बलिराम, पूर्व माध्यमिक विद्यालय पचार के
रामसुभग प्रसाद, कन्या प्राथमिक विद्यालय खेसिया की मीरा मिश्रा, प्राथमिक
विद्यालय खाखर टोला की आशमा सिद्दीकी, प्राथमिक विद्यालय मंसाछापर की जैरुन
निशा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय डुमरी सहोदरपट्टी के रहमतुल्लाह मंसूरी
शामिल हैं।
इस पूरे मामले में 12 और विद्यालयों के शिक्षक भी संदेह
के घेरे में हैं। इन सभी को नोटिस जारी करके बीएसए ने नोटिस जारी कर एक
सप्ताह में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इस संबंध
में बीएसए लालजी यादव का कहना था कि जांच के लिए अधिकारी नामित कर दिए गए
हैं। इस मामले में 12 और लोगों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण एक
सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करना है।संतोषजनक जवाब न मिलने पर अन्य लोगों पर
भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।