मंसाछापर। शासन के निर्देश के बाद भी परिषदीय विद्यालयों तक निशुल्क वितरण होने वाले किताब नही पहुंच रही हैं। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। इसके बाद लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के विरुद्ध बेसिक शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी किया है। हालांकि इस मामले में अभी कोई जांच शुरू नहीं की गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से निशुल्क किताबें वितरित होती हैं। इसके लिए टेंडर होती है। ठेकेदार को प्रत्येक स्कूल तक किताबें पहुंचानी होती हैं। ठेकेदार न्याय पंचायत स्तर पर ही किताबें पहुंचाए थे। वहां से शिक्षक अपने खर्च पर किताबें स्कूल ले जा रहे थे, जबकि शासन का निर्देश है कि ठेकेदार को प्रत्येक स्कूल तक समय से किताब पहुंचानी हैं। इस मामले शिक्षक नेता की भी प्रतिक्रिया आई थी की पिछले दो वर्ष से किताबें स्कूलों तक नहीं पहुंचाई जा रही हैं। इस खबर को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद ठेकेदार को नोटिस जारी की गई है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई जांच नहीं हुई।
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30 अप्रैल को ही बीएसए को सूचना भेज दी थी कि ठेकेदार समय से किताबेंं वितरण नहीं करवा रहा है। इस मामले में बीते शनिवार को ठेकेदार को बेसिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से से नोटिस भेजी गई है। लेकिन ठेकेदार ने अभी जवाब नहीं दिया है। -जयंत भारती, बीईओ, विशुनपुरा।