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नोटबंदी से परेशान लोग सड़क पर उतरे

Fri, 02 Dec 2016 11:29 PM IST
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
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सड़क जाम की - फोटो : अमर उजाला
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 नोटबंदी के 24 दिन बाद भी बैंकों की स्थिति में सुधार न होने से परेशान लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। शुक्रवार को दुदही में लोगों ने आधे घंटे तक पैसेंजर ट्रेन रोकी तो तमकुहीराज में भी सड़क जाम किया। कुबेरस्थान में भी लोगों ने बैंक के सामने हंगामा किया। दुदही क्षेत्र में एक बुजुर्ग के मौत की वजह भी बैंक से रुपये न मिलने के चलते हुई हताशा बताई जा रही है।
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पडरौना नगर में स्टेट बैंक व पीएनबी की दो-दो बड़ी शाखाएं हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, इंडिया बैंक, बैंक ऑफ महराष्ट्रा, पंजाब एंड सिंध बैंक, आंध्रा बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स समेत कई राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं हैं। इसके अलावा एचडीएफसी, एक्सिस, महिन्द्रा समेत कई प्राइवेट क्षेत्र की बैंक शाखाएं भी हैं। परंतु इनमें से किसी भी बैंक शाखा पर बीते 10 नवंबर से लेकर अब तक लोगों की भीड़ कम नहीं हुई है। शुक्रवार को भी नगर के सभी बैंकों में रुपये के लेन देन के लिए ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रही। यही हाल एटीएम पर भी था। एचडीएफसी समेत एक या दो एटीएम से ही रुपये निकलने के कारण लोग भोर से लेकर देर रात तक लाइन में खड़े रह रहे हैं। शुक्रवार को भी बैंकों और एटीएम पर ऐसा ही नजारा रहा।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार रुपये न मिलने के से बतरौली धुरखड़वा गांव में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गांव के मुंशरीम (60) मध्यप्रदेश की एक कोयले की खान में काम करते थे। तीन वर्ष पहले रिटायर हुए थे। एसबीआई की दुदही शाखा से उन्हें पेंशन मिलती थी। इलाज की खातिर रुपये के लिए एक सप्ताह से बैंक आ रहे थे। बृहस्पतिवार को भी बैंक आए थे, रुपये न मिलने से परेशान थे। शुक्रवार की सुबह उनकी मौत हो गई।
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तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार तमकुहीराज में एसबीआई सहित अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं के सामने लोग सुबह से ही लाइन में लगे थे, लेकिन रुपये नहीं मिले तो नाराज लोगों ने दोपहर में  सडक़ जाम कर दिया। यहां मौजूद रामबहादुर, जयंत सिंह, लालदेव, राजन, पंकज राय, मुन्ना राय, अमरनाथ चौबे, पुरुषोतम, आदित्य चौबे, निरंजन श्रीवास्तव आदि का आरोप था कि बैंक कर्मी आम लोगों को रुपया नहीं दे रहे हैं, लेकिन पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अफसरों को एकमुश्त बड़ी रकम दी जा रही है। पुलिसवालों ने किसी तरह से समझा-बुझाकर जाम खत्म कराया।
रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के चारों बैंक शाखाओं में रुपये न होने के कारण दिन भर हंगामा होता रहा। बैंककर्मी सफाई देकर ग्राहकों से अगले दिन आने की गुजारिश करते रहे। पीएनबी की रामकोला शाखा में तीन दिन बाद रुपये आते तो ग्राहकों में धक्का मुक्की होती रही। शोर शराबा कर रहे लोगों को पुलिस समझा बुझाकर शांत कराया।
कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार दिन के करीब तीन बजे एसबीआई की कुबेरस्थान शाखा पर कैश वाहन जैसे ही पहुंचा, लाइन में खड़े ग्राहकों की उत्सुकता बढ़ गई। कैशवाहन के साथ मौजूद कर्मचारी बॉक्स लेकर अंदर गए और थोड़ी देर बाद बॉक्स के साथ बाहर आ गए। लाइन में खड़े लोगों को लगा कि गाड़ी से रुपये आए हैं। वाहन के जाते ही भुगतान के लिए शोर मचाने लगे। तब बैंककर्मियों ने बताया कि कैश वाहन रुपये देने नहीं, बल्कि बैंक में जमा रुपये लेने आया था। सुबह से ही भूखे-प्यासे लाइन में खड़े ग्राहक  यह सुनकर गुस्से से आग बबूला हो गए। उनका कहना था कि बैंककर्मी जान बूझकर रुपये देना नहीं चाहते, इसलिए बहाना बना रहे हैं। लोगों ने बैंक पर हंगामा करने के बाद सडक़ जाम करने की कोशिश की, लेकिन वहां पुलिस पहुंच गई और उन्हें समझा बुझाकर शांत कराई। रुपये के लिए सुबह से ही लाइन में खड़े लोग शाम को निराश मन से लौटे।
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