बच्चों को पढ़ाता गांव का किसान।
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दुदही (कुशीनगर)। ड्यूटी से लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को दुदही ब्लाक के गांव ठाढ़ीभार नौका टोला के पढ़े लिखे किसान ने सबक सिखाया। इस गांव के प्राथमिक स्कूल में बच्चे तो आए थे लेकिन शिक्षक नहीं पहुंचे थे। जानकारी होने स्कूल पहुंच गया और बच्चों की दो घंटे तक क्लास ली। बाद में ग्राम प्रधान ने बीएसए समेत अन्य अफसरों को इसकी जानकारी देकर लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्राथमिक विद्यालय ठाढ़ीभार के नौका टोला में 55 बच्चों का नामांकन है। यहां एक सहायक अध्यापक व दो शिक्षा मित्र तैनात हैं। इसके बावजूद बिना अवकाश स्वीकृत हेडमास्टर व दोनों शिक्षा मित्र नदारद थे, जबकि बच्चे समय से स्कूल पहुंच गए थे। दिन के करीब 11 बजे परिसर में खेल रहे बच्चों को देखकर इस गांव के किसान हरिकिशुन यादव वहां पहुंचे। एमए डिग्रीधारी इस किसान ने स्कूल बंद होने की वजह पूछी तो बच्चों ने बताया कि आज तीनों अध्यापक स्कूल नहीं आए हैं। ताला भी नहीं खुला है। इस पर हरिकिशुन ने बरामदे में बच्चों को बैठाकर पढ़ाना शुरू कर दिया।
करीब एक घंटे बाद इसकी जानकारी गांव के प्रधान पति जयकिशुन यादव को हुई तो वे भी स्कूल पहुंचे और पढ़े लिखे किसान की इस नेकनियती का आभार जताया। साथ ही बीएसए और बीईओ दुदही को फोन पर इसकी जानकारी दी। जयप्रकाश यादव के अलावा गांव के महंथ प्रसाद, नंदू, बेंचू, सुरेश यादव आदि ने बताया कि यहां के अध्यापक अक्सर विद्यालय से गायब रहते हैं। कई दिन तो स्कूल खुलता ही नहीं है। इसके बाद शुक्रवार को कोई आया ही नहीं। इस संबंध में विद्यालय के प्रभारी हेडमास्टर हरिकांत भारद्वाज का कहना है कि बीमार होने के चलते अवकाश पर हूं। शिक्षा मित्रों की जिम्मेदारी थी कि समय से स्कूल पहुंचकर पढ़ाई कराएं। उनसे जवाब मांगा जाएगा।
इस संबंध में बीएसए हेमंत राव ने बताया कि उन्हें भी इसकी जानकारी मिली थी और उसे क्षेत्र के एनपीआरसी समन्वयक को भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।