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Kushinagar News: जगदीशपुरम नहीं जनाब...समस्यापुरम कहिए

Sat, 08 Apr 2023 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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शहर के पूर्वी छोर पर वर्ष 2000 में बसी कॉलोनी में सड़कें टूटीं, आधे मोहल्ले में नहीं होती पानी की आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जगदीशपुरम नहीं जनाब... समस्यापुरम कहिए। जी हां, वर्ष 2020 में बसी इस कॉलोनी में समस्याओं की भरमार है। सड़कें टूटी हैं, नालियां जाम है। मोहल्ले में आधे से अधिक हिस्से में जलापूर्ति भी नहीं होती है, जबकि मोहल्ले और नगर पालिका कार्यालय की दूरी डेढ़ किमी है।
लोगों ने जब इस मोहल्ले में मकान बनवाया तो उन्हें लगा था कि शहर की सभी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन उनका सपना साकार नहीं हो सका। वर्ष 2018 में कॉलोनी में पहुंचे तत्कालीन डीएम आंद्रा वामसी ने प्लान बनाकर प्राथमिकता के आधार पर नाली, सड़क, पेयजल और पथ प्रकाश की व्यवस्था करने की बात कही थी। उनके तबादले के बाद योजना सुस्त पड़ गई।
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नगर पालिका के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड में मुख्य रूप से जगदीशपुरम कॉलोनी, मीरगंज और नोनिया पट्टी मोहल्ले शामिल हैं। इनमें करीब आठ हजार की आबादी रहती है। नोनियापट्टी में रहने वाले केदारनाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 में अपना मकान बनवाया था। उनके आसपास 50 से अधिक मकानों पर आवाजाही के लिए सड़क नहीं है। घरों के नाबदान से निकला पानी खाली के प्लाट में बहकर जाता है।
बारिश में पूरा मोहल्ले में करीब तीन से चार फीट पानी भर जाता है। काफी प्रयास के बाद डॉ. सदीप अरुण श्रीवास्तव के घर से हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर तक आरसीसी सड़क बननी शुरू हुई है। जगदीशपुरम में कोचिंग कक्षा से लौट रही ऋतिका गुप्ता ने बताया कि कॉलोनी में अधिकतर सड़कें कच्ची हैं। बारिश होने पर इन सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। कहने के लिए यह कॉलोनी शहर का हिस्सा है, लेकिन यहां पर बुनियादी सुविधाओं का टोटा है।
जगदीशपुरम कॉलोनी में किराना स्टोर चलाने वाले अजीत बर्नवाल ने बताया कि नाली तो बनी है, लेकिन इसे कहीं जोड़ा नहीं गया है। मोहल्ले में बेलवा चुंगी से नोनिया पट्टी जाने वाली पिच रोड पर कूड़े का ढेर लगा था। सड़क किनारे बनी नाली में कूड़ा करकट पटा हुआ है। डॉ. नर्सरिया के घर के बगल से गुजरी सड़क के दोनों तरफ से नाली बनी है। इस नाली को बनाने के बाद एक खाली प्लाट में ले जाकर जोड़ दिया गया है। सफाई और जलनिकासी नहीं होने से सारा पानी सड़क पर फैलता है।
जगदीशपुरम में स्ट्रीट लाइटें तो जलती हैं, लेकिन नोनिया पट्टी और मीरगंज में यह सुविधा नहीं है। इफ्तेखार अहमद ने बताया कि दिसंबर में पानी की पाइप पिछाई गई, जिससे 200 घरों में पानी पहुंच रहा है। नोनिया पट्टी और मीरगंज के लोग इस सुविधा से वंचित हैं।
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मोहल्ले की प्रमुख समस्याएं
- मोहल्ले में सड़क और नाली निर्माण की आवश्यकता है।
- अधिकतर सड़कें कच्ची होने से लोगों को आवागमन में असुविधा होती है।
- नाली का निर्माण नहीं होने से खाली प्लाट में पानी बहाते हैं।
- सड़कों के किनारे बनी मुख्य नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है।
- आधे मोहल्ले के लोगों के घरों में जलकल की जलापूर्ति नहीं पहुंच सकी है।
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कोट
मैं यहां रोजाना कोचिंग पढ़ने आती हूं। बारिश होने पर कच्ची सड़क पर आवागमन में दिक्कत होती है। इस मोहल्ले में अधिकतर सड़कें कच्ची हैं। इससे लोग परेशानी उठा रहे हैं। ऋतिका गुप्ता, छात्रा
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हमारे घर के आसपास न तो सड़क है, न ही नाली बनी है। बारिश होने पर बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। काफी प्रयास के बाद आरसीसी सड़क बननी शुरू हु्ई है। वह भी आधी ही बनेगी।
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केदारनाथ सिंह, नोनिया पट्टी
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कोट
नगर पालिका के भीतर साफ-सफाई के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं पर गंदगी पाई जाएगी तो कार्रवाई तय है। पूर्व में जो विकास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए आगे कार्ययोजना बनाई जाएगी। तत्काल कहीं पर विकास कार्य कराना संभव नहीं है।
महात्मा सिंह, एसडीएम, प्रशासक, नगर पालिका
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