दुदही। दुदही विकास खंड के अधिकारियों और कर्मचारियों के कारनामों की खूब है। विकास खंड के बांसगांव खाखड़ टोला निवासी पांच लोगों को इंदिरा आवास तो दिए नहीं गए, उल्टे उन्हें आवास के लिए मिलने वाले धन की वसूली की नोटिस थमा दी गई है। इसमें एक महिला नोटिस देखकर अचेत होकर गिर पड़ी।
दुदही विकास खंड के बांसगांव खाखड़ टोले के रामू चौहान, लल्लन कुशवाहा, नियाजुद्दीन, रामचंद्र कुशवाहा और दशरथ चौहान ने वर्ष 2010 में इंदिरा आवास के लिए आवेदन किया था। लेकिन पांच वर्ष बीत गए और उन्हें आवास नहीं मिला। इससे आवेदक निराश होकर बैठ गए थे। इस बीच तीन माह पहले डीएम के निर्देश पर इंदिरा आवास के आवास के सत्यापन के लिए ब्लॉकवार टीम गठित की गई।
क्रास चेक के लिए अलग-अलग ब्लॉकों की टीमें दूसरे ब्लॉकों में गई थीं। दुदही ब्लॉक में इंदिरा आवास के सत्यापन के लिए एक माह पहले पडरौना की टीम बांसगांव खाखड़ टोले में पहुंची थी। टीम में शामिल लोगों ने लल्लन, दशरथ, रामू और रामचंद्र आदि के घर पहुंचकर जब यह पूछा कि प्रथम किस्त मिलने पर इंदिरा आवास कहां बनवाए हैं, तो लोग सकते में आ गए थे। इसके बाद टीम को यह जानकारी दी थी कि आवास के लिए आवेदन जरूर किया था लेकिन नहीं मिलने पर घर बैठ गए थे।
इसके बाद इन लोगों ने डीएम और बीडीओ को शिकायती पत्र देकर जांच कराने की मांग की थी। इनकी शिकायत की जांच तो नहीं की गई, उल्टे बृहस्पतिवार को इन पांच लोगों को नोटिस थमा दी गई कि एक सप्ताह के अंदर बीडीओ के जरिए डिमांड ड्राफ्ट नहीं भेजा गया तो कार्रवाई की जाएगी। उधर, 33750 रुपये जमा करने की विवशता की जानकारी मिलने पर रामू की पत्नी झुन्ना देवी सदमे में आ गईं और अचेत होकर गिर पड़ीं।
परिवार के लोग आननफानन में डॉक्टर के पास ले गए। रामू की पत्नी झुन्ना का कहना था कि जब प्रथम किस्त की धनराशि ली ही नहीं तो इतने रुपये कहां से दे पाएंगे। इस संबंध में बीडीओ संजय श्रीवास्तव का कहना है कि 11 अप्रैल को वह खुद इस मामले की जांच के लिए गांव जाएंगे। जांच पड़ताल के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।