बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को जनपद मुख्यालय पर चुनावी जनसभा में केंद्र और प्रदेश सरकारों पर जमकर धावा बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरु और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को उनके चेला की संज्ञा देते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की हालत खराब देख इनके चेहरे का नूर उतर गया है और हर जगह चुनावी जनसभाओं में यह कहते फिर रहे हैं कि प्रदेश में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने केंद्र में तीन वर्ष और सपा ने प्रदेश में पांच वर्ष के कार्यकाल में जनता के हितों की अनदेखी की। इनकी गलत नीतियों के कारण प्रदेश की 22 करोड़ जनता में जबरदस्त नाराजगी है। उन्होंने भीड़ से पूछा कि वह सपा-कांग्रेस के दागी चेहरों को वोट देंगी या उनका सफाया कर कानून व्यवस्था स्थापित कराने में सहयोग करेंगे। मायावती का कहना था कि प्रदेश में सपा शासन आने के बाद से जंगलराज, भ्रष्टाचार, अपहरण, महिला उत्पीड़न, जमीन पर कब्जा और सांप्रदायिक दंगे हुए। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के करोड़ों रुपये मीडिया में खर्च हुए, जो जनहित में खर्च किए जा सकते थे। सपा के कार्यकाल में जो थोड़े कार्य हुए हैं, उन्हें बसपा के कार्यकाल में शुरू किया गया था। उदाहरण के तौर पर महामाया आर्थिक मदद योजना का नाम बदलकर समाजवादी योजना रख दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मुलायम सिंह यादव ने पुत्र मोह की वजह से अपने भाई शिवपाल यादव को कदम कदम पर अपमानित किया, जिसके चलते शिवपाल और उनके समर्थक सपा को नुकसान जरूर पहुंचाएंगे।
मायावती का कहना था कि बीजेपी सरकार बनने के 100 दिनों के अंदर 15-20 लाख रुपये हर व्यक्ति के खाते में भेजने का वादा की थी। लेकिन 100 दिन कौन कहे तीन वर्ष बीत गए, किसी के खाते में एक रुपया भी नहीं गया।
उन्होंने गरीबों के लिए पट्टा दिलाने, अपराधमुक्त सरकार, गरीबों के पट्टा की जमीनों पर हुए कब्जा को हटवाने के साथ-साथ अल्पसंख्यक खासकर मुस्लिम बिरादरी के लोगों को उनका हक दिलाया जाएगा।