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सीएचसी में न महिला चिकित्सक है न अल्ट्रासाउंड की सुविधा, मरीज परेशान

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सीएचसी में न महिला चिकित्सक है न अल्ट्रासाउंड की सुविधा, मरीज परेशान
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- गर्भवती एवं प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं का नहीं हो पाता समुचित इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोला। कस्बे एवं ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती एवं प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं का रामकोला सीएचसी में समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। यहां न तो महिला चिकित्सक की तैनाती है और न ही अल्ट्रासाउंड मशीन लगी है। ऐसी दशा में इन्हें निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।
रामकोला सीएचसी में प्रतिदिन तकरीबन साढ़े तीन सौ महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। इनमें गर्भवती एवं प्रसव वाली महिलाएं भी होती हैं, लेकिन यहां आने पर जब पता चलता है कि महिला डॉक्टर तैनात नहीं हैं तो उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं को उचित खान-पान, रहन-सहन, सावधानी और दवा संबंधी कोई सुझाव नहीं मिल पाता है। इस अस्पताल में अब तक अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं लग पाई है। इस वजह से अस्पताल में आने पर उनके समय और धन दोनों का अपव्यय होता है। थक-हारकर उन्हें निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। हालांकि, यहां चार स्टाफ नर्स की तैनाती है, लेकिन इनकी ड्यूटी ओपीडी में न लगने के चलते मरीज लौट जाते हैं।
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महिला डॉक्टर और अल्ट्रासाउंड मशीन ही नहीं, प्रसव से संबंधित सामग्री भी नहीं है। मसलन, दास्ताना और जरूरी दवाएं भी उपलब्ध नहीं रहती हैं। इस वजह से भी मरीज इस अस्पताल में आने से कतराते हैं।
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इस संबंध में रामकोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके विश्वकर्मा का कहना है कि अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही नहीं बरती जाती है। इस अस्पताल में महिला डॉक्टर की तैनाती की मांग प्रत्येक बैठक में की जाती है। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड मशीन, जरूरी दवाएं आदि की भी मांग की गई है।
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