पडरौना। सीएचसी पर शाम ढलने के बाद आने वाले सामान्य मरीजों को भी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। इस कारण जहां मरीजों व तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, वहीं मेडिकल कॉलेज में बेड के लिए मारामारी होती है। इस हालात को देखते हुए प्रशासन गंभीर हो गया है। डीएम की सख्ती के बाद सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिया है कि गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाए, बेवजह रेफर कर मरीजों को परेशान न किया जाए। इसकी क्रास चेकिंग के लिए सीएमओ ने एक नोडल अफसर बनाया है। सीएचसी पर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को रात में रहने के लिए सरकारी आवास की सुविधा दी गई है, लेकिन अधिकतर सीएचसी पर रात को डॉक्टर विश्राम नहीं करते हैं, गोरखपुर या अपने सुविधाजनक स्थल से आकर ड्यूटी करते हैं।
ऐसे में रात को कोई बड़ी दुर्घटना होने पर इलाज के लिए लोगों को मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। ठंड में भी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में पेट दर्द, सांस फूलने और उल्टी दस्त के मरीज रेफर होने के बाद पहुंच रहे हैं, जबकि सीएचसी पर ऐसे मरीजों का आसानी इलाज मिल सकता है। रात में अधिकतर सीएचसी के इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर अपने आवास पर रहते हैं, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय ही इलाज करते हैं, ऐसे में वह भी रात में सोने के चक्कर में सामान्य मरीजों को भी मेडिकल कॉलेज रेफर कर देते हैं, जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है।