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न फर्श की हुई मरम्मत, न ही शौचालय की हालत सुधरी

Wed, 11 Apr 2018 11:33 PM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
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ख्ाराब श्ााौचालय - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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जटहां बाजार।  परिषदीय स्कूलों को सजाने संवारने की तमाम घोषणाएं जमीनी हकीकत नहीं बन सकीं। विशुनपुरा ब्लॉक के कई स्कूलों में फर्श, रंगाई-पुताई, परिसर की सफाई, शौचालय की हालत पहले जैसी ही है। ऐसे माहौल में नामांकन और उपस्थिति बढ़े भी तो कैसे। परिसर की बदहाली के साथ ही शिक्षकों की लापरवाही के चलते भी बच्चों की उपस्थिति कम दिख रही है। बुधवार को इस ब्लाक के चार विद्यालयों की हकीकत देखी गई।  
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परिषदीय विद्यालयों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। पहले प्रशासन की घोषणाओं को देखकर  ऐसा लगा कि इस वर्ष कुछ स्थिति में सुधार हो जाएगा लेकिन अब तक कुछ भी ऐसा नहीं दिखा, जिससे अभिभावक उसकी ओर आकृष्ट हो सकें। स्थिति यह है कि कहीं शौचालय है तो पानी की व्यवस्था नहीं और कहीं शौचालय ही खराब स्थिति में हैं। फर्श भी टूटे पड़े हैं। रंगाई-पुुताई भी नदारद है।


पूर्व माध्यमिक विद्यालय डुमरी के भवन का प्लास्टर व फर्श तक टूट गया है। चार शिक्षकों की तैनाती वाले इस जूनियर हाईस्कूल में मात्र 30 बच्चों का नामांकन है। इसमें से भी बुधवार को केवल 12 बच्चे ही स्कूल आए थे। सुबह साढ़े आठ बजे तक यहां सहायक अध्यापक चंद्रजीत गुप्त ही पहुंचे थे। प्रभारी हेडमास्टर तथा दो शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे थे। इस विद्यालय के शौचालय की हालत भी खराब है। यहां किचन नहीं होने की वजह से शिक्षण कक्ष में ही भोजन बनाने का चूल्हा व लकड़ी रखी है।  
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प्राथमिक विद्यालय राजेंद्र नगर चिरगोड़ा में 60 बच्चों का नामांकन है लेकिन सुबह पौने नौ बजे तक मात्र 15 बच्चे ही स्कूल आए थे। प्रभारी हेडमास्टर भी स्कूल नहीं पहुंचे थे। तीनों अध्यापक इन 15 बच्चों को बरामदे में एक साथ बैठाकर पढ़ा रहे थे। इस विद्यालय की बाउंड्रीवाल नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि बगल के कुछ लोगों से विवाद के कारण बाउंड्री का कार्य नहीं हुआ है। रसोइया झाड़ू लगा रहा था। शिक्षकों ने बताया की सफाईकर्मी कभी नहीं आता है। सफाई न होने के चलते शौचालय भी प्रयोग लायक नहीं था।


प्राथमिक विद्यालय माधोपुर में इस वर्ष 106 बच्चों का नामांकन है। सुबह करीब नौ बजे 80 से अधिक बच्चे यहां मौजूद भी थे। विद्यालय में चार शिक्षकों की तैनाती है लेकिन केवल दो शिक्षक रवि प्रकाश गुप्त और शोभाराम ही स्कूल पहुंचे थे। अन्य दो शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे थे और न ही देर से आने अथवा अवकाश पर होने की कोई सूचना ही दी गई थी। यहां का शौचालय भी कई महीने से प्रयोग लायक नहीं है। शिक्षकों ने बताया कि शौचालय की मरम्मत के लिए विभाग सहित ग्राम प्रधान से भी अनुरोध किया गया लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं आ कई बार इसको ठीक कराने को कहा गया लेकिन कोई फायदा नहीं हो सका।       


घूर छपरा गांव का प्राथमिक व जूनियन विद्यालय एक ही परिसर में है। प्राइमरी में 110 तथा जूनियर में 40 बच्चों का नामांकन है। सुबह साढ़े नौ बजे तक बमुश्किल दोनों ही स्कूलों में 15-20 बच्चे ही थे। प्राइमरी में तैनात तीन में से दो अध्यापक रसोई गैस सिलेंडर लेने गए थे। जूनियर विद्यालय के हेडमास्टर भी रसोई गैस सिलेंडर लेने ही गए थे। प्राइमरी में केवल एक शिक्षक देवदत्त सिंह और जूनियर में गणेश प्रसाद मौजूद थे। बताया गया कि जूनियर विद्यालय में शिक्षण कार्य के लिए एक युवती को भी कुछ मानदेय पर रखा गया है। हालांकि विद्यालय में मौजूद युवती का कहना था कि वह यहां व्यक्तिगत कार्य से आई है। 
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नोटिस देकर मांगा जाएगा जवाब: बीईओ 
विशुनपुरा के बीईओ एसएन प्रजापति का कहना है कि नए सत्र में नामांकन व उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। जिन विद्यालयों की कमियों के बारे में अवगत कराया गया है वहां के हेडमास्टर को कारण बताओ नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। बृहस्पतिवार को स्कूलों की जांच भी कराई जाएगी।
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