मॉडल इंटर कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
तीन करोड़ उन्तीस लाख की लागत से हुआ था मॉडल इंटर कॉलेज का निर्माण
संसाधन के अभाव में विद्यालय में केवल 170 बच्चों की हो रही पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। क्षेत्र के मठिया श्रीराम गांव में सरकार की तरफ से बने मॉडल इंटर कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। विद्यार्थियों के लिए बिजली और शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं है। यहां पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को कच्ची सड़क से ही विद्यालय आना पड़ता है।
क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2014 में तीन करोड़ उन्तीस लाख रुपये की लागत से मठिया श्रीराम गांव में मॉडल इंटर कॉलेज की स्थापना की गई। कॉलेज का भवन वर्ष 2017 में बनकर तैयार होने पर छात्र-छात्राओं का नामांकन व पढ़ाई शुरू हो गई। इस समय इस कॉलेज की विभिन्न कक्षाओं में करीब 170 विद्यार्थियों का नामांकन है। लेकिन अभी तक विद्यालय में बिजली, शुद्ध पेयजल और बाउंड्रीवाल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। यहां पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को सड़क के अभाव में कुछ दूर तक कच्चे रास्ते से ही आना पड़ता है। स्कूल से कुछ ही दूरी पर शमशान घाट है, जहां आएदिन लोगों के अंतिम संस्कार किए जाते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अजीत मिश्र ने कहा कि प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तहत इस सुदूर इलाके में मॉडल इंटर कॅालेज की स्थापना हुई थी। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधा के साथ बेहतर शिक्षा मिलेगी। लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी इस कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हुईं हैं। क्षेत्र के उमेश पांडेय, सुखारी तिवारी, संजय सिंह, गौरीशंकर तिवारी, रामचंद्र गुप्ता, गौतम सिंह, मनोज तिवारी, गुड्डू यादव, शहीद अंसारी आदि ने इस कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई बार संबंधित अधिकारी को मांगपत्र दिया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र ने कहा कि मठिया श्रीराम स्थित माडल कॉलेज में जो भी सुविधाएं नहीं हैं, उन्हें उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। बजट मिलते ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं जाएंगी।