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Kushinagar News: निगम की बसें नहीं, ग्रामीण क्षेत्र और बिहार जाने के लिए निजी बस ही सहारा

Mon, 23 Oct 2023 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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- निगम बसे चलते तो लोगों को आवगमन में हो सहूलियत, त्योहार पर निजी वाहन चालकों की चांदी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कुशीनगर में ग्रामीण और बिहार की यात्रा निजी वाहनों के सहारे ही है। इसके लिए परिवहन निगम की तरफ से अभी तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जबकि जिले की तीन मार्गों से बिहार की तरफ से 100 से अधिक प्राइवेट बस और अन्य वाहन हर दिन दस से 12 हजार लोगों को यात्रा कराते हैं। प्राइवेट बसों से यात्रा करने में यात्रियों को मजबूर हैं। ऐसे में दशहरा के त्योहार पर लोगों को आवगामन में करने में जेब ढ़ीला करना पड़ रहा है।
बिहार के रास्ते बांसी, तमकुहीरोड, बहादुरपुर समउर बाजार और छितौनी से कस्बा के रास्ते कुशीनगर की सीमा से जुड़ती है। जिले में बगहां, बेसिया सिवान, गोपालगंज, थावे, छपरा समेत जिलों से लोग यूपी और यूपी के लोग कुशीनगर में प्रवेश करते हैं। क्षेत्र के लोगों का बिहार में रिस्तेदारियां है। बिहार के कई लोग पडरौना शहर में कार्य करते हैं। इसके बावजूद इन पडरौना डिपो की तरफ से न तो कोई निगम और ना ही अनुबंधित बसों का संचालन होता है। ऐसे में लोगों को यात्रा करने में परेशानी होती है। त्योहार पर घर जाने के लिए प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ता। इन्हें आवागमन करते लिए बिहार के रास्ते जिले में बस समेत करीब सौ से अधिक अन्य वाहन आते हैं। ये वाहन चालक यात्रियों से मनमाने ढंग से यात्रियों से किराया वसूलते हैं।
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त्योहार पर घर जाना जरूरी है। मजबूरन प्राइवेट वाहनों से यात्रा करना मजबूरी है। इन वाहनों से यात्रा करने में 30 से 40 किलोमीटर की यात्रा करने में सौ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यदि रोडवेज की बसों का संचालन शुरू होता तो लोगों को इस तरह की परेशानी नहीं होती है। यात्रा भी सुगमता से पूरी होती।

- अब्दुल कलाम, यात्री।

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बिहार के सिवान में सुसुराल है। त्योहार पर पत्नी को मायके जाना है। परिवहन निगम की बसों का संचालन नहीं होने से प्राइवेट बस से यात्रा करना मजबूरी है। इन बसों में सामान्य दिनों में बस संचालक अधिक क्षमता में सवारी बैठाते हैं। इस समय तो त्योहार का समय है, ऐसे में अधिक भीड़ होना स्वाभाविक है। किराया भी अधिक देना पड़ेगा।
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- मनोज मोदनवाल, यात्री।

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बिहार सीमा स्थित जटहांबाजार तक निगम की बस जाती है, लेकिन निगम की बसों का संचालन बिहार में नहीं होता है। यदि यात्रियों की मांग आती है तो पत्र बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश का अनुपालन किया जाएगा।

- राकेश कुमार, एआरआएम, पडरौना डीपो।

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