पडरौना। एनआई एक्ट के आरोपी को एक वर्ष का कारावास और छह लाख रुपये अर्थदंड से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बृहस्पतिवार को दंडित किया। देवरिया के रामगुलाम टोला के रहने वाले आरोपी विनोद जायसवाल ने परिवादी को चेक दिया था। चेक देने के बाद भुगतान पर रोक दी दी थी। इसकी वजह से चेक डिसानर हो गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
वादी मां शक्ति राइस मिल ट्रेडिंग कंपनी बोदरवार के प्रोपराइटर सुरेंद्र प्रसाद कुमार गुप्ता निवासी साखोपार थाना कप्तानगंज ने विनोद कुमार जायसवाल उर्फ पप्पू जायसवाल निवासी थाना भोरे जिला गोपालगंज बिहार वर्तमान निवासी रामगुलामटोला देवरिया के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुशीनगर के कोर्ट में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत परिवाद दाखिल किया था। उन्होंने कहा कि परिवादी को एचडीएफसी बैंक देवरिया का चेक 3,66,000 रुपये का चेक 24 जून 2014 को दिया था। उसे 8 जुलाई 2014 को भुगतान के लिए रोक लगा दिया गया। इसके कारण चेक डिसानर हो गया। इसके बाद अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजा गया। उसका जवाब नहीं देने पर परिवाद दाखिल किया गया। न्यायालय ने समन जारी होने पर आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुआ। इस मामले में साक्ष्य के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता सिंह ने आरोपी को धारा 138 एनआई एक्ट का दोषी पाया। उन्होंने आरोपी विनोद कुमार जायसवाल उर्फ पप्पू को एक वर्ष का कारावास और छह लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया गया है।