कप्तानगंज। कस्बे में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से एनएच-730 पर बारिश का पानी भर गया है। इस रास्ते लोगों को आवागमन में परेशानी होने के साथ सड़क किनारे बसे कई लोगों के घरों में पानी घुसने लगा है। इससे लोगों में नाराजगी है। लोगों ने जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
कप्तानगंज-पडरौना मार्ग के चौड़ीकरण के बाद जलनिकासी के लिए करीब चार वर्ष पूर्व नाली का निर्माण कराया गया। सुभाष नगर से सुभाष चौक तक सड़क के दोनों तरफ बनी नाली का बहाव उल्टा कर दिया गया है। इसका नतीजा है कि नाली बनने के बाद भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसी बीच रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण भी शुरू हो गया है। इसके चलते भी बारिश का पानी निकलने में दिक्कत हो रही है। दो दिन से हो रही बारिश का पानी सड़क पर एकत्र हो गया है।
बुधवार की सुबह दो पहिया और चार पहिया वाहन सड़क पर जलभराव में फंस गए। डाॅ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि उनके अस्पताल में बारिश का पानी घुस गया है। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों को अन्य कमरे में शिफ्ट करना पड़ा है। कस्बे के राजेश कुमार मिश्रा, गोलू मिश्रा, विनोद गोविंद राव, मुकेश सिंह, पप्पू सिंह, राकेश पांडेय, रमेश सिंह, रामप्रीत गुप्ता, गौरी शंकर वर्मा, डाॅ. दीप कुमार तिवारी, मोनू सिंह, अशोक कुमार चौरसिया आदि ने बताया कि जलभराव की समस्या से यहां के लोग चार वर्ष से परेशान हैं। जलभराव होने से कई लोगों के मकानों की दीवार क्रेक हो गई है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कई बार अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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विभागीय कार्य से बाहर हूं। सड़क पर जलभराव की सूचना पर तहसीलदार को भेजा गया है। जलनिकासी की व्यवस्था की जा रही है। -योगेश्वर सिंह, एसडीएम, कप्तानगंज।