कुशीनगर। पुलिस के अलावा मजिस्ट्रियल जांच में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कदम-कदम पर चूक मिली है। मेडिकल कॉलेज के सभी वार्डों के निकासी द्वार और कैंपस में लगाए गए 30 कैमरों में 29 खराब मिले, मुख्य गेट पर लगा एक कैमरा सक्रिय है, लेकिन उसकी क्वालिटी इतनी खराब है। निकाले गए फुटेज धुंधला दिख रहा है।
दूसरे दिन भी पुलिस रविंद्र नगर थाने में आरोपी स्टाफ नर्स, दाई, गार्ड और नोडल डॉक्टर को बुलाकर पूरे दिन पूछताछ की, लेकिन 24 घंटे बाद भी एसएनसीयू वार्ड से चोरी हुए नवजात का पता नहीं चला। बुधवार की रात दो बजे से एसपी मेडिकल कॉलेज में जमे रहे। प्राचार्य के कक्ष में डॉक्टर और प्राचार्य से पूछताछ के अलावा सीसी टीवी के बैकअप फुटेज निकलवाया। सीओ पडरौना के नेतृत्व में पांच पुलिस की टीम और डीएम के निर्देश पर मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। इसमें प्रथम दृष्टया मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। अगर समय-समय पर सीसी टीवी कैमरा को चेक कराकर सक्रिय रखा गया होता तो अभी तक नवजात चोरी करने वाले का चेहरा बेनकाब हो गया होता।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के मनिया छपरा गांव निवासी प्रदीप चौधरी की पत्नी रीना को मंगलवार की देर शाम को नार्मल प्रसव मेडिकल कॉलेज में हुआ। सांस लेने में तकलीफ होने पर नवजात को एसएनसीयू वार्ड में देर रात भर्ती किया गया। बुधवार की सुबह करीब नौ बजे प्रदीप गए तो वार्मर पर उनका बच्चा नहीं था, स्टाफ नर्स ने दूध और गर्म पानी लाने के लिए भेज दिया। इसके बाद वह आए तो दिन में 12 बजे तक भटकते रहे और अंदर जाने से गार्ड ने रोक दिया। किसी तरह वार्ड में गए और नवजात नहीं मिलने पर रोने लगे और हंगामा शुरू किया। इसके बाद पुलिस को सूचना दिया। मौके पर आई पुलिस ने जांच शुरू किया, बावजूद इसके वार्ड से नवजात चोरी होने की सूचना प्राचार्य या प्रभारी सीएमस को ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स, वार्ड के नोडल नहीं दे रहे हैं, पुलिस के जरिए प्राचार्य को सूचना मिली। नवजात चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने प्राचार्य डॉ. आरके शाही, प्रभारी सीएमएस डॉ. बृजनंदन, डॉ. रितेश सिंह, स्टाफ नर्स इंदू सिंह, स्नेहा मौर्या, उर्मिला, जूली, अनारकली और गार्ड धर्मेंद्र सिंह पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू किया। एसपी देर रात को मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वार्ड का निरीक्षण करने के बाद रात करीब दो बजे तक प्राचार्य के कक्ष में बैठकर सीसी टीवी का फुटेज निकलवाने के अलावा प्राचार्य से पूछताछ की।
रात को पुलिस की जांच में पता चला कि मेडिकल कॉलेज के वार्डों के निकासी द्वार और मुख्य गेट पर करीब 30 सीसी टीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन सिर्फ मुख्य गेट का एक सीसी टीवी कैमरा चल रहा है। इसका फुटेज भी साफ नहीं दिख रहा है। इससे आने-जाने वालों का पहचान करना मुश्किल है। बृहस्पतिवार को स्वाट टीम और सीओ दो बार से तीन बार मेडिकल कॉलेज में पहुंंचे, बार-बार पुलिस टीम एसएनसीयू वार्ड में पहुंच रही है, पूरे दिन आरोपी स्टाफ नर्सों और गार्ड से पूछताछ रविंद्र नगर थाने में होती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगर सीसी टीवी कैमरे सक्रिय रहते तो अभी तक नवजात चोरी करने वालों तक पुलिस पहुंच गई होती, मेडिकल कॉलेज के बाहर जिला पंचायत के सर्किट हाउस के बाहर लगे सीसी टीवी कैमरा चल रहा है, इसका भी फुटेज स्वाट टीम ने लिया है।
प्राचार्य बोले मेरा का पढ़ाना, की जिम्मेदारी सीएमएस की
- एसएनसीयू वार्ड से एक दिन के नवजात का चोरी होने का मामला शासन तक पहुंच गया है। प्राचार्य ने कहा कि मेरा काम पढ़ाना है, बाकी जिम्मेदारी सीएमएस का है। मेडिकल कॉलेज के आरोपी प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने चार सदस्यी टीम जांच के लिए बनाई है, जांच टीम में डाॅ. नरोत्तम समदर्शी, सह आचार्य कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की अध्यक्षता में डाॅ. एके सिंह, सह आचार्य, सर्जरी विभाग, डाॅ. अरूण कुमार मल्ल, वरिष्ठ परामर्शदाता, डाॅ. उपेंद्र चौधरी शामिल हैं। बृहस्पतिवार को देर शाम तक टीम से रिपोर्ट मांगी गई है, इसके बाद इसमें जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सीएमएस डॉ. दिलीप कुमार बुधवार से अवकाश पर है, सीनियर डॉ. बृजनंदन के पास सीएमएस का चार्ज है।
वार्ड से नवजात गायब होने के दौरान इनकी रही ड्यूटी
- मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में एक दिन का भर्ती नवजात गायब होने के दौरान ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की घबराहट बढ़ गई है। घटना के दौरान ड्यूटी पर डाॅ. विजय कुमार सिंह, पिडियाट्रीशियन, एसएनसीयू के नोडल अधिकारी, डॉ. रितेश कुमार सिंह, पीडियाट्रीशियन, डाॅ. कृष्ण मोहन, पिडियाट्रीशियन ऑन ड्यूटी, संविदा पर तैनात राजेश्वरी उपचारिका, नियमित, कौशलेंद्र उपचारिका पुरूष, स्नेहा उपचारिका, मनोज उपचारिका पुरूष, उर्मिला वार्ड आया, राकेश गार्ड, धर्मेंद्र सिंह, एक्स आर्मी सुरक्षा गार्ड से प्राचार्य ने स्पष्टीकरण मांगा है। घटना के दौरान इनकी ड्यूटी वार्ड में थी।
प्राचार्य ने प्रमुख सचिव को भेजा पत्र
- मेडिकल कॉलेज से नवजात चोरी होने के बाद प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग शासन लखनऊ को पत्र के माध्यम से जानकारी दी है। जांच के लिए टीम गठित करने और रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्रवाई का जिक्र पत्र में किया गया है। इस घटना को लेकर शासन से भी प्राचार्य से जानकारी ली जा रही है। बार-बार फोन आ रहे हैं।