फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: निजी अस्पताल में नवजात की मौत, तीमारदारों का हंगामा

Thu, 07 Mar 2024 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
कप्तानगंज। सरकारी अस्पताल के बजाए झांसा देकर आशा कार्यकर्ता गर्भवती को लेकर निजी अस्पताल पहुंच गई। प्रसव के कुछ घंटे बाद नवजात की मौत हो गई। नाराज तीमारदारों ने हंगामा किया तो, डॉक्टर नवजात को जिंदा बताकर आक्सीजन देने के लिए सीएचसी भेज दिया और अस्पताल बंद कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस नवजात का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीएमओ के निर्देश पर निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। दोपहर में तहसीलदार और सीएचसी अधीक्षक पहुंचे, लेकिन अस्पताल बंद मिला।
विज्ञापन

कप्तानगंज थाना क्षेत्र के साखोपार गांव निवासी हरीश वर्मा की पत्नी गुड़िया देवी को मंगलवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने आशा कार्यकर्ता को इसकी जानकारी दी। आशा कार्यकर्ता गर्भवती को सीएचसी पर चलने की बात कह घर से निकली। रास्ते में परिजनों को गुमराह कर कस्बे के फायर ब्रिगेड ऑफिस के पास संचालित एक निजी अस्पताल में लेकर चली गई। जहां महिला को भर्ती कर दिया गया। देर शाम को महिला ने बेटे को जन्म दिया। घर वालों की माने तो जन्म के बाद बच्चा सुस्त था। इसकी बात डॉक्टर से घर वाले बोले, लेकिन वे लोग गंभीरता से नहीं लिए। रात करीब नौ बजे बच्चा शांत हो गया तो तीमारदार हंगामा करने लगे। मामला बढ़ता देख एक महिला स्टॉफ पहुंची और आला लगाकर जांच करने के बाद बोली कि बच्चे की सास चल रही है। इसे ऑक्सीजन की जरूरत है। आप लोग तत्काल कप्तानगंज सीएचसी पर लेकर पहुंचें, मैं वहां पर फोन कर रही हूं। परिजन जच्चा-बच्चा को लेकर जब सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टर ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के साथ तीमारदार निजी अस्पताल पर पहुंचे तो वहां ताला बंद था। हरीश वर्मा ने इसकी शिकायत सीएमओ से की। बुधवार को दोपहर में सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रितेश सिंह और तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी जांच के लिए निजी अस्पताल पर पहुंचे, लेकिन ताला बंद होने के कारण आसपास के लोगों से जानकारी लेकर लौट गए। चिकित्साधीक्षक डॉ. रितेश कुमार ने बताया कि जांच के लिए टीम गई थी। निजी अस्पताल बंद कर संचालक फरार है। अस्पताल पर लगे बोर्ड पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा है, जो स्पष्ट नहीं है। इसकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन

-
-मामला संज्ञान में है। पुलिस रात को गई थी। तहरीर मिली है। नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद केस दर्ज होगा। घटना के बाद निजी अस्पताल बंद कर संचालक फरार है। -कुंदन सिंह, सीओ कसया

बचाने में जुटा स्वास्थ्य महकमा
-जिस मकान में निजी अस्पताल चल रहा है। उस मकान की एक महिला कप्तानगंज सीएचसी में स्टॉफ नर्स है। इसके पहले इस मकान में सीएचसी के एक डॉक्टर प्रैक्टिस करते थे। स्टॉफ नर्स के मकान में डॉक्टर के प्रैक्टिस करने की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो इस्तीफा देकर उन्होंने दूसरी जगह क्लीनिक खोल ली। करीब दो माह पहले स्टॉफ नर्स के मकान में निजी अस्पताल का संचालन शुरू हुआ है। लोगों का कहना है कि विभागीय सांठगांठ से संचालित हो रहे निजी अस्पताल पर किसी डॉक्टर का नाम तक नहीं लिखा है और न ही रजिस्ट्रेशन नंबर सही लिखा है। सूत्रों की मानें तो आशा कार्यकर्ता कप्तानगंज सीएचसी के बजाए स्टॉफ नर्स के कहने पर इस निजी अस्पताल में मरीजों को लेकर जाती हैं।
वर्जन
मामला संज्ञान में है। कप्तानगंज सीएचसी के अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए गए हैं। निजी अस्पताल संचालक अस्पताल बंद कर फरार है। उसका रजिस्ट्रेशन है कि नहीं, इसकी जांच कराई जा रही है। आशा कार्यकर्ता की भूमिका भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. संजय गुप्ता प्रभारी सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें