संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। वाल्मीकि गंडक बैराज से मंगलवार की शाम चार बजे गंडक नदी में 1,25,700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद जलस्तर बढ़ गया। भैसहां गेज स्थल पर गंडक नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 95 मीटर से दो सेंटीमीटर ऊपर चला गया। हालांकि, अभी यह स्थिति बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए खतरनाक नहीं है।
गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मंगलवार को जलस्तर फिर से बढ़ गया। भारत-नेपाल सीमा स्थित वाल्मीकि गंडक बैराज से मंगलवार को दोपहर 12 बजे 1,02,700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें से 86,000 क्यूसेक गंडक नदी, 6,700 क्यूसेक बिहार के पूर्वी मुख्य नहर और 10 हजार क्यूसेक यूपी में आने वाली मुख्य पश्चिमी नहर में छोड़ा गया।
मंगलवार को शाम चार बजे इसमें बढोत्तरी हुई और कुल बहाव (डिस्चार्ज) 1,25,700 क्यूसेक हो गया। इसमें से बिहार की पूर्वी मुख्य नहर में 6,700, यूपी की मुख्य पश्चिमी नहर में 10,000 क्यूसेक तथा गंडक नदी में 1 लाख 9 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज था। इसके सापेक्ष खड्डा क्षेत्र के भैसहां गेज स्थल पर मंगलवार को सुबह 8 बजे जलस्तर चेतावनी बिंदु 95.00 मीटर से नीचे 94.78 मीटर, 12 बजे 94.92 मीटर, 2 बजे 94.96 मीटर और शाम 4 बजे चेतावनी बिंरु से 2 सेमी ऊपर 95.02 मीटर पर पहुंच गया। लोगों में डर बना है कि अगर नेपाल में बारिश अधिक हुई तो गंडक नदी में जलस्तर बढ़ जाएगा, जिससे बाढ़ आ सकती है।