पूछा- कितने एससी की हुई मौत, क्या दी गई सहायता, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। फरवरी में तरयासुजान थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई 11 लोगों की मौत के मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान में लिया है। अध्यक्ष ने जहरीली शराब पीने से मरने वाले अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या और उन्हें उपलब्ध कराई गई आर्थिक मदद के बारे में प्रशासन से सूचना मांगी है।
फरवरी में जहरीली शराब पीने से तरयासुजान थाना क्षेत्र के बेंदूपार खलवा टोला, नौका टोला, खैरटिया आदि टोले के 11 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि उनमें नौ लोगों का ही पोस्टमार्टम हो पाया था, दो व्यक्तियों के शवों का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। इस मामले में लापरवाही बरतने पर आबकारी इंस्पेक्टर, एसओ तरयासुजान समेत आठ को निलंबित कर दिया गया था। एसपी राजीव नारायन मिश्र की पहल पर मृतकों के घरवालों की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या, जहरीली शराब बनाने और बेचने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
जिला समाज कल्याण अधिकारी टीके सिंह ने बताया कि इस जहरीली शराबकांड मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर कठोरिया ने संज्ञान लिया है। उन्होंने जानकारी मांगी है कि इस कांड में अनुसूचित जाति के कितने लोगों की हुई थी मौत और उन्हें कितनी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। यह सूचनाएं मुहैया कराने के लिए एक सप्ताह का समय मिला है। सूचना एकत्र कराई जा रही है। घटना में जहरीली शराब पीने से अनुसूचित जाति के दो व्यक्तियों की मौत हुई थी।