म्यांमार बुद्ध मंदिर में प्रवज्जा प्रशिक्षण के बाद त्रिशरण-पंचशील व प्रमाण पत्र के साथ प्रशिक्ष
कसया। कुशीनगर भिक्षु संघ के प्रभारी भिक्षु नन्दका के निर्देशन में म्यांमार बुद्ध मंदिर में आयोजित आठ दिवसीय श्रामणेर/अनागरिक प्रवज्जा प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को विधिवत संपन्न हो गया। शिविर में शामिल प्रशिक्षुओं ने समापन अवसर पर चीवर उतारकर पुनः गृहस्थ जीवन के वस्त्र धारण किए। शिविर में प्रशिक्षित 49 श्रामणेर (पुरुष) और पांच अनागारिक (महिलाओं) को भिक्षु नन्दका ने त्रिशरण-पंचशील का पाठ कराते हुए प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म करुणा, मैत्री और शांति का संदेश देता है। भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान सहज रूप से किया जा सकता है। संवाद