म्यांमार के राजदूत ने भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण मंदिर में की विशेष पूजा, बोले-कोरोना खत्म होते ही कुशीनगर में बौद्ध अनुयायियों का आएगा जत्था
कसया(कुशीनगर)। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में शुक्रवार की देर शाम म्यांमार के राजदूत एचईमो क्याव आंग पत्नी के साथ पहुंचे। उनके साथ दूतावास का 15 सदस्यीय शिष्टमंडल भी है। शिष्टमंडल के साथ शनिवार की सुबह म्यांमार मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं को भोजन दान किया है। भोजन दान के बाद राजदूत महापरिनिर्वाण मंदिर में विश्व को कोरोना से मुक्त कराने को बौद्ध भिक्षुओं व अनुयायियों के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरे का मकसद भी विश्व को कोरोना को भगाना है। इनकी ओर से मेडिटेशन (विपश्यना)भी किया गया।
कुशीनगर के प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल रामाभार स्तूप, मांथा कुंवर मंदिर, धातु वितरण स्थल, बुद्धा घाट आदि का भ्रमण किया। राजदूत बुद्धा घाट की सफाई और व्यवस्था को देखकर खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि कोरोना खत्म होते ही भारत व म्यांमार के बीच फिर बौद्ध अनुयायियों व भिक्षुओं का आवागमन शुरू हो जाएगा। दोनों देशों के बीच बहुत मधुर रिश्ते हैं। उन्होंने बताया कि यह दौरा सिर्फ पूजा-पाठ के लिए हुआ है ताकि जल्द विश्व से कोरोना संक्रमण खत्म हो जाए। रविवार को राजदूत फिर शिष्टमंडल के साथ लौट जाएंगे। मंदिर प्रशासन से जुड़े टीके राय ने बताया कि दो वर्ष पूर्व यहां बुद्ध पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में एचईमो क्याव आंग मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। उस दौरान कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य व तत्कालीन सांसद राजेश पांडेय समेत गण्यमान्य मौजूद थे।