पडरौना। फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने साक्ष्य के अभाव में हत्यारोपी को दोषमुक्त कर दिया। बेलवा मिश्र के पकड़ी बुजुर्ग निवासी चंद्रिका गौड ने पांच सितंबर को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। तहसीर के आधार पर पुलिस ने भोलू उर्फ श्याम मिश्रा निवासी बेलवा मिश्र, मुन्ना हरिजन, राकेश हरिजन और विनोद उर्फ नकटी उर्फ लखई निवासी हरिजन बस्ती बेलवा मिश्र के विरुद्ध हत्या समेत अन्य गंभीर धारा में केस दर्ज कर लिया था।
तहरीर में कहा गया था कि पांच सितंबर की रात करीब आठ बजे वादी गांव के रामाशीष के साथ सरस्वती चौक पर घर का सामान खरीदने गया था। दूसरे नंबर का लड़का नंदलाल गांव के सुनील चौहान के साथ मजदूरी कर घर जा रहा था। मेरे लड़के ने सरस्वती चौक पर मुझे देखा तो घर चलने के लिए कहा। उससे कहा की तुम घर जाओ, सब्जी लेकर आ रहा हूं। नंदलाल और सुनील गांव की तरफ चल दिए। सरस्वती चौक से 100 मीटर आगे गिट्टी बालू की दुकान के सामने धर्मपुर जाने वाली सड़क के पास पहले हो खड़े भोलू, मुन्ना हरिजन, राकेश हरिजन और विनोद ने नंदलाल से धक्का मुक्की करते हुए अपशब्द बोलने लगे। भोलू जेब से चाकू निकालने लगा। राकेश, विनोद और मुन्ना ने नंदलाल को पकड़ लिया। भोलू मिश्रा ने हाथ में लिए चाकू से नंदलाल के पेट में प्रहार कर दिया। इसके बाद सभी आरोपी वहां से भाग गए। घटना की सूचना पर बेटा अवधेश प्रसाद व रामआशीष चौहान घटना स्थल पर पहुंचे और नंदलाल को जिला अस्पताल ले गए, जहां डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार पांडेय की दलीलों को सुनने व साक्ष्य के अभाव में अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार ने आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।