अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थली होने के बावजूद कुशीनगर के रास्ते बड़े राज्यों के लिए कोई सीधी ट्रेन न होने का मसला बृहस्पतिवार को सांसद विजय कुमार दुबे ने संसद में उठाया। उन्होंने नियम 377 के तहत यह मसला रखा।
उन्होंने पर्यटकों व यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अरुणाचल सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन को गोरखपुर, कप्तानगंज, सिवान होते हुए चलाए जाने की मांग की।
सांसद ने बताया कि कुशीनगर जनपद की आबादी लगभग 30 लाख है। यह एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां महात्मा बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था। यह सभी बौद्ध राष्ट्रों के लिए धार्मिक स्थल है। इस कारण यह एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल भी है, जहां विश्व भर के बौद्ध तीर्थ यात्री दर्शन के लिए आते हैं।
सांसद ने बताया कि देश के पूर्वी राज्यों, जिसके कुल आठ भारतीय राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम जाने के लिए कोई भी सीधी ट्रेन नहीं है। कुशीनगर के लोगों को दूसरे जिले में जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है।
उन्होंने बताया कि कुशीनगर जिले में विदेशी पर्यटकों का आगमन ज्यादा है एवं ट्रेन के लिए व्यापारिक संभावनाएं भी बहुत अधिक हैं। उन्होंने पर्यटकों एवं यात्रियों की सुविधा के लिए 22411 और 22412 अरुणाचल सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन को गोरखपुर से कप्तानगंज, सिवान होते हुए डायवर्ट करने की मांग सदन में की।