हाटा। माधुरी की मौत भले ही कुत्तों के हमले से हुई, लेकिन दुर्भाग्य से उसका बचपन से ही नाता रहा। बचपन में पहले मां की मौत हो गई तो पिता ने दूसरी शादी कर ली। माधुरी के पालन पोषण में काफी मुश्किलें आईं। मां की मौत के बाद उसको लेकर परिवार के लोग गंभीर नहीं थे।
जैसे-तैसे दो वर्ष पहले उसकी शादी रिश्तेदारों और पटीदारों की मदद से महाराजगंज जिले में हुई, लेकिन माधुरी के दुर्भाग्य ने यहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। एक वर्ष के अंदर ही पति ने उसे छोड़कर दूसरी शादी कर ली। इसके बाद माधुरी अपने मायके में आकर रहने लगी। जीवन के कड़वे अनुभवों से धीरे-धीरे उसका मानसिक संतुलन भी खराब होने लगा।
गांव के लोगों ने बताया कि माधुरी से पिता और सौतेली मां का उससे कोई खास लगाव नहीं रहता था। इसके चलते उसके चाचा वशिष्ठ और अनिल उसका कुछ ख्याल रखते थे। सोमवार को उसके चाचा अनिल पटेल ही उसे इलाज के लिए गोरखपुर लेकर गए थे। माधुरी की मौत के बाद गांव वालों में कुत्तों का खौफ दूसरे दिन भी देखने को मिला।
बुधवार को गांव पहुंचने पर लोगों ने बताया कि माधुरी जब दो-तीन वर्ष की थी तो उसकी मां की मौत हो गई थी। इसके बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली, जिसकी वजह से माधुरी को बचपन से वह प्यार नहीं मिल पाया जो मां के रहते बच्चों को मिलता है। बड़ी हुई तो रिश्तेदारों की मदद से महाराजगंज जिले के घुघली थाना के गांव पिपरिया में शादी हुई। शादी के एक वर्ष के अंदर ही पति ने माधुरी से किनारा कस लिया और उसे छोड़ का दूसरी शादी कर ली।