बनकटा बाजार। प्रखर साहित्य मंच की 116वीं मासिक काव्य गोष्ठी मंगलवार को श्री ओंकारेश्वर महादेव मंदिर बेलवा परिसर में हुई। कवियों ने देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं सुनाकर वाहवाही बटोरी।
गोष्ठी की शुरुआत वीणा वंदना से हुई। नयनी शरण ‘नयनी’ ने ...जग में जीने के लाख बहाने...सुनाई। उमेश चौबे अंश ने ...परिवार रहे भरल लेकिन टूटता अब परिवार है... सुनाकर परिवारों में बढ़ती दूरियों और बदलती सोच पर चिंता जताई। संतोष गंगम ने ...देशभक्ति रचना तिरंगा शान भारत का रहे आबाद दुनिया में.. सुनाकर देश भक्ति में सराबोर कर दिया। कवि गोष्ठी में श्याम नारायण गुप्ता, हरेंद्र पांडेय, नरेंद्र कुमार आदि ने रचनाएं सुनाईं। अध्यक्षता कवि बच्चा सिंह सूर्यबंशी ने की। अंत में कवि स्व रामसागर सिंह पावापुरी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर शोक संवेदना व्यक्त की गई। इस दौरान नथुनी राव, उमेश चौबे, चंदन सिंह, दयाशंकर पांडेय, राहुल श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।